दीपावली की खुशियां तभी जब सुरक्षा हो साथ—जिला प्रशासन टिहरी ने दी जागरूकता अपील, बच्चों व अभिभावकों से सावधानी बरतने का आग्रह।
🪔 आपदा सुरक्षित दीपावली: सुरक्षा के साथ मनाएं रोशनी का पर्व
टिहरी गढ़वाल।
दीपों का पर्व दीपावली सिर्फ प्रकाश और खुशियों का उत्सव नहीं, बल्कि यह सावधानी और जिम्मेदारी की परीक्षा भी है। दीपों की लौ और पटाखों की चमक के बीच सुरक्षा का भाव यदि साथ हो, तो यह पर्व सच्चे अर्थों में मंगलमय बन जाता है। इसी संदेश के साथ जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, टिहरी गढ़वाल ने दीपोत्सव से पहले नागरिकों के लिए एक विशेष “आपदा सुरक्षा सलाह” जारी की है।
इस सलाह का उद्देश्य है कि जिले के सभी नागरिक, विशेषकर बच्चे और अभिभावक, दीपावली के दौरान मोमबत्ती, दिया, पटाखे और सजावटी लाइटों का प्रयोग करते समय पूर्ण सतर्कता और जिम्मेदारी से व्यवहार करें, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
🔸 बच्चों और अभिभावकों के लिए विशेष निर्देश
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा है कि दीपावली के दौरान पटाखे जलाना बच्चों के लिए आनंद का विषय जरूर है, लेकिन इसे कभी भी अकेले नहीं करना चाहिए। अभिभावक सदैव बच्चों की निगरानी करें और सुनिश्चित करें कि वे पटाखे या दीये सुरक्षित स्थान पर ही जलाएं।
🟠 क्या करें (Do’s):
- बड़ों की देखरेख में करें:
बच्चे हमेशा किसी वयस्क की उपस्थिति में ही पटाखे या फुलझड़ी जलाएं। इससे किसी आकस्मिक हादसे से बचा जा सकता है। - सुरक्षित दूरी बनाए रखें:
जलते हुए पटाखों, दीयों और मोमबत्तियों से उचित दूरी रखें ताकि कपड़ों या बालों में आग न लगे। - सुरक्षित कपड़े पहनें:
ढीले या नायलॉन के कपड़े न पहनें। सूती और फिट कपड़े सबसे सुरक्षित रहते हैं। - कानों की सुरक्षा करें:
तेज आवाज वाले पटाखों से बचने के लिए कान में रुई या ईयरप्लग लगाना अच्छा उपाय है। - पानी या बालू रखें:
पास में हमेशा एक बाल्टी पानी, बालू या अग्निशामक यंत्र रखें। यह किसी आकस्मिक आग लगने पर तुरन्त काम आता है। - सुरक्षित निपटान करें:
इस्तेमाल किए गए पटाखों को कभी इधर-उधर न फेंकें। उन्हें पानी से भरी बाल्टी में डालकर ठंडा करें, तभी फेंकें। - पर्यावरण-अनुकूल विकल्प चुनें:
शोर-रहित, प्रदूषण-रहित और इको-फ्रेंडली पटाखों या दीपकों का उपयोग करें। घर में दीये जलाएं और उन्हें स्थिर, सुरक्षित स्थान पर रखें।
🛑 क्या न करें (Don’ts):
- खुद प्रयोग न करें:
नए या घर पर बनाए पटाखों से प्रयोग न करें। ये अत्यधिक जोखिमपूर्ण हो सकते हैं। - एक साथ कई पटाखे न जलाएं:
हमेशा एक-एक पटाखा जलाएं और जलाने के बाद सुरक्षित दूरी पर जाएं। - हाथ में जलता पटाखा न पकड़ें:
जलाने के बाद पटाखा हाथ में न रखें—यह बहुत खतरनाक है। - खतरनाक जगह पर पटाखे न जलाएं:
गैस सिलेंडर, पेट्रोल पंप, सूखी घास, बिजली के तार या भवन के अंदर पटाखे जलाना सख्त मना है। - भागते-दौड़ते न जलाएं:
पटाखा जलाते समय भागना या मजाक करना किसी गंभीर हादसे का कारण बन सकता है। - चेतावनी अनदेखी न करें:
पटाखे की पैकिंग पर दिए गए सुरक्षा निर्देशों को ध्यान से पढ़ें और उनका पालन करें। - बुझा पटाखा न छुएं:
जो पटाखा नहीं जला हो, उसे कम से कम 30 मिनट बाद सावधानी से पानी में डाल दें।
🔥 दीपावली पर बढ़ता आग का जोखिम — प्रशासन का अलर्ट
जिला प्रशासन का कहना है कि दीपावली के अवसर पर घरों और बाजारों में सजावट के लिए सजावटी लाइट, मोमबत्तियाँ, दीये और विद्युत श्रृंखलाएँ अधिक प्रयोग में लाई जाती हैं, जिससे आग लगने की घटनाएँ बढ़ने का खतरा रहता है।
अतः नागरिकों से अपील की गई है कि —
- बिजली के तारों को ओवरलोड न करें।
- दीये या मोमबत्तियाँ जलाकर unattended न छोड़ें।
- गैस सिलेंडर या लकड़ी के पास दीपक न रखें।
- बिजली की सजावटी लाइटों का इस्तेमाल करते समय वोल्टेज का ध्यान रखें।
🚒 आपातकालीन स्थिति में करें तत्काल संपर्क
यदि किसी प्रकार की दुर्घटना, आग या चोट की स्थिति उत्पन्न होती है, तो तत्काल जिला आपदा नियंत्रण कक्ष या निकटतम अग्निशमन केंद्र को सूचित करें।
☎️ संपर्क नंबर:
- जिला आपदा कंट्रोल रूम, टिहरी गढ़वाल
📞 01376-234793
📞 01376-233433
📱 9456533332
📱 8126268098
📱 7465809009
📱 7983340807
🌿 पर्यावरण की दृष्टि से जिम्मेदार दीपावली
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि इस बार दीपावली को “हरित और स्वच्छ दीपावली” के रूप में मनाएं।
- ध्वनि प्रदूषण और वायु प्रदूषण से बचें।
- कम धुआँ और कम आवाज वाले ग्रीन क्रैकर्स का उपयोग करें।
- पेड़-पौधों, पक्षियों और पालतू जानवरों की सुरक्षा का ध्यान रखें।
प्राधिकरण ने यह भी कहा कि “एक छोटी सी चिंगारी कभी-कभी बड़ी आग में बदल जाती है, इसलिए सुरक्षा ही सबसे बड़ी सजावट है।”
🌟 दीपोत्सव का असली संदेश — रोशनी के साथ जिम्मेदारी
दीपावली का अर्थ केवल घर सजाना नहीं, बल्कि मन को भी उजियारा करना है। जब हम सुरक्षा नियमों का पालन करते हैं, तो न केवल स्वयं सुरक्षित रहते हैं, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी सुरक्षित रखते हैं।
इस बार टिहरी गढ़वाल प्रशासन की यह पहल “आपदा सुरक्षित दीपावली” हर व्यक्ति को यही प्रेरणा देती है कि—
“दीप जलाएं, लेकिन सुरक्षा के संकल्प के साथ।”
दीपावली की सच्ची खुशी तभी है जब कोई दुर्घटना न हो, कोई आह न हो और हर घर में केवल हंसी और उजाला हो।
इसलिए टिहरी गढ़वाल जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की यह अपील हर नागरिक तक पहुँचना जरूरी है—
सुरक्षित दीपावली मनाएं, जिम्मेदार दीपावली मनाएं, और अपने बच्चों को भी सुरक्षा का संस्कार सिखाएं।
सरहद का साक्षी, डिजिटल मीडिया परिवार की ओर से आप सभी को प्रकाश पर्व दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें।
