जल्द होगी यूजेवीएनएल एवं एल एंड टी अधिकारियों के साथ बैठक, प्रभावितों के हित में होंगे निर्णय
टिहरी/04 नवंबर 2025।
जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल ने मंगलवार को निरीक्षण भवन, नैनबाग में लखवाड़ बाँध बहुउद्देश्यीय परियोजना से प्रभावित काश्तकारों की भूमि अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से सुना।
इस दौरान समिति के अध्यक्ष डा. वीरेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि लगभग 30 वर्षों के बाद उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम (यूजेवीएनएल) द्वारा यह परियोजना पुनः प्रारंभ की गई है, जिसके तहत भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। प्रभावित क्षेत्रों के परिवार लंबे समय से कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं और अपनी 21 मांगों को लेकर पिछले 10 दिनों से धरने पर बैठे हैं।
प्रभावित काश्तकारों ने अपनी प्रमुख मांगों में —
- चतुर्थ श्रेणी के 70 प्रतिशत पदों को योग्यतानुसार बांध प्रभावित परिवारों के लिए आरक्षित करने,
- कंपनी से बाहर किए गए युवाओं की बहाली,
- युवाओं के विरुद्ध दर्ज मुकदमों को वापस लेने,
- पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन नीति के अनुरूप अधिकार सुनिश्चित करने,
- परिसम्पत्तियों का सर्वेक्षण और मूल्यांकन कराने — की माँग प्रमुखता से रखी।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक इन मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक धरना जारी रहेगा।
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने प्रभावितों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि चतुर्थ श्रेणी पदों हेतु शैक्षिक योग्यतानुसार पात्र व्यक्तियों की सूची तैयार की जाए तथा पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन नीति का ड्राफ्ट शीघ्र उपलब्ध कराया जाए। अपने क्षेत्र भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने ग्राम पाव नैनबाग के नारायणी नक्षत्र पौधशाला का निरीक्षण भी किया गया ।
डीएम ने कहा कि बांध प्रभावित काश्तकारों की सभी उचित मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और जल्द ही यूजेवीएनएल एवं एल एंड टी कंपनी के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर प्रभावितों के हित में ठोस निर्णय लिए जाएंगे।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख सीता पंवार, डीडीओ मो. असलम, एसडीएम नीलू चावला, तहसीलदार वीरम सिंह, समिति सदस्य, बांध प्रभावित काश्तकार एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
