गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान पहुंचे गढ़वाल विश्वविद्यालय के विद्यार्थी, ट्रेकिंग के साथ चलाया स्वच्छता अभियान
चार दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण में हिमालयी पारिस्थितिकी, जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण की बारीकियां सीखीं; नेहरू पर्वतारोहण संस्थान में जिपलाइनिंग का लिया अनुभव
श्रीनगर गढ़वाल, 13 अक्टूबर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के वानिकी एवं प्राकृतिक संसाधन विभाग के एमएससी वानिकी तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने चार दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के अंतर्गत गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान का दौरा किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने हिमालयी पारिस्थितिकी, जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण से संबंधित व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की। भ्रमण ने विद्यार्थियों को प्राकृतिक पर्यावास और संरक्षित क्षेत्रों के पारिस्थितिक महत्त्व को करीब से समझने का अवसर दिया।
ट्रेकिंग के दौरान चलाया स्वच्छता अभियान
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने ट्रेकिंग के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी पहल की। उन्होंने मार्ग में बिखरे प्लास्टिक कचरे को एकत्रित कर स्वच्छता अभियान चलाया और प्राकृतिक पर्यावास को साफ रखने का संदेश दिया।
इस पहल का उद्देश्य संरक्षित क्षेत्रों में प्लास्टिक प्रदूषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा प्रकृति संरक्षण में जनभागीदारी के महत्त्व को रेखांकित करना रहा। विद्यार्थियों ने इस गतिविधि के माध्यम से पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया।
नेहरू पर्वतारोहण संस्थान में जिपलाइनिंग का अनुभव
भ्रमण के अंतर्गत विद्यार्थियों ने नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम), उत्तरकाशी का भी दौरा किया। यहां उन्होंने जिपलाइनिंग जैसी साहसिक गतिविधि में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेकर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। इस दौरान विद्यार्थियों को पर्वतीय क्षेत्रों में साहसिक गतिविधियों के महत्त्व को समझने का अवसर मिला।
प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की समझ विकसित करना उद्देश्य
प्राध्यापक डॉ. एल.एस. कंडारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को वन एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, प्रबंधन और हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की विविधताओं से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना था।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने क्षेत्रीय जैव विविधता, प्राकृतिक पर्यावास और संरक्षित क्षेत्रों के पारिस्थितिक महत्त्व को समझा। इस अनुभव से उन्हें कक्षा में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ने का अवसर मिला।
यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ-साथ पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और प्रकृति संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण रहा। इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं सतत प्रबंधन के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाने में सहायक होती हैं।
