टिहरी गढ़वाल की छह प्रमुख मांगों को लेकर अंकित सजवाण ने प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन
टिहरी बांध पर 24 घंटे आवाजाही की अनुमति, मेडिकल कॉलेज की स्थापना और गढ़वाल-कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्रों को पांचवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग
टिहरी गढ़वाल। टिहरी गढ़वाल और उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के विकास, जनहित एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी छह प्रमुख मांगों को लेकर अंकित सजवाण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में टिहरी बांध के ऊपर से आम जनता की 24 घंटे आवाजाही की अनुमति देने, बांध से मिलने वाली रॉयल्टी बढ़ाने, टिहरी में सरकारी मेडिकल कॉलेज खोलने, वीर गबर सिंह के नाम पर सैनिक स्कूल स्थापित करने, जाखणीधार-नकोट-गजा क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना तथा गढ़वाल-कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्रों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा और पांचवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग उठाई गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि टिहरी बांध के निर्माण के बाद विस्थापित क्षेत्रवासियों को आवागमन और विकास कार्यों में कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। साथ ही, क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और सांस्कृतिक विशिष्टता को ध्यान में रखते हुए विशेष संरक्षण एवं विकास संबंधी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
टिहरी बांध पर 24 घंटे आवाजाही की अनुमति देने की मांग
ज्ञापन में मांग की गई है कि टिहरी बांध के ऊपर से आम जनता और स्थानीय निवासियों के आवागमन के लिए 24 घंटे मार्ग खुला रखा जाए। इसमें कहा गया है कि इससे स्थानीय लोगों को सामान्य आवाजाही के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों में भी सुविधा मिल सकेगी। विशेष रूप से मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद जताई गई है।
बांध से मिलने वाली रॉयल्टी बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने का आग्रह
अंकित सजवाण ने टिहरी बांध से मिलने वाली रॉयल्टी को वर्तमान 12.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने की मांग की है। ज्ञापन के अनुसार, बढ़ी हुई रॉयल्टी का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा टिहरी गढ़वाल क्षेत्र के विकास और जनकल्याणकारी कार्यों पर खर्च किया जाना चाहिए, ताकि बांध परियोजना से प्रभावित क्षेत्र को विकास का लाभ मिल सके।
टिहरी में सरकारी मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग
ज्ञापन में टिहरी गढ़वाल में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का उल्लेख करते हुए सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की मांग की गई है। इसमें कहा गया है कि मेडिकल कॉलेज खुलने से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिल सकती है और स्थानीय लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
वीर गबर सिंह के नाम पर सैनिक स्कूल स्थापित करने का प्रस्ताव
प्रथम विश्व युद्ध के वीर नायक और विक्टोरिया क्रॉस विजेता अमर शहीद वीर गबर सिंह नेगी के सम्मान और स्मृति में चंबा क्षेत्र में उनके नाम पर सैनिक स्कूल स्थापित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। मांगकर्ता के अनुसार, इससे वीर गबर सिंह के योगदान को सम्मान देने के साथ-साथ युवाओं में देशसेवा और राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रोत्साहित किया जा सकेगा।
जाखणीधार, नकोट और गजा में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग
ज्ञापन में जाखणीधार, नकोट और गजा क्षेत्र में नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना की मांग की गई है। इसमें कहा गया है कि इन क्षेत्रों में केंद्रीय विद्यालय खुलने से स्थानीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकते हैं और उन्हें शिक्षा के लिए दूरस्थ स्थानों पर जाने की आवश्यकता कम हो सकती है।
पर्वतीय क्षेत्रों को एसटी दर्जा और पांचवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग
ज्ञापन की एक प्रमुख मांग गढ़वाल और कुमाऊं के समस्त पहाड़ी एवं पर्वतीय क्षेत्रों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने तथा संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत शामिल करने से संबंधित है। ज्ञापन में इन क्षेत्रों के जल, जंगल, जमीन और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के लिए विशेष संवैधानिक प्रावधानों की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
प्रधानमंत्री से शीघ्र कार्रवाई का अनुरोध
अंकित सजवाण ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि टिहरी गढ़वाल और उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों की जनहित से जुड़ी इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर संबंधित मंत्रालयों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं। ज्ञापन में उम्मीद जताई गई है कि इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने से क्षेत्र के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवागमन और स्थानीय जनकल्याण को बढ़ावा मिल सकेगा।
