श्री बिड़ला जी और सम्पूर्ण बिड़ला परिवार ने गायत्री महायज्ञ में किया सहभाग

अपना सम्पूर्ण जीवन समाज सेवा की महान परम्परा को आगे बढ़ाने में समर्पित कर दिया, यह विचारधारा हम सभी को प्रेरित करती है: श्रीमती बेबी रानी मौर्य

ऋषिकेश: परमार्थ निकेतन में जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी के 50 वें जन्मदिन के पावन अवसर पर गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें श्री ओम बिड़ला और पूरे बिड़ला परिवार ने सहभाग किया। तत्पश्चात बिड़ला परिवार ने परमार्थ निकेतन से विदा ली।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने श्री ओम बिड़ला जी को भगवान गणेश जी की प्रतिमा भेंट कर विदा किया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने लोकसभा स्पीकर माननीय ओम बिड़ला जी को इनसाईक्लोपीडिया ऑफ़ हिन्दूईज़्म के 11 खंड भेंट करते हुये कहा कि संसद लोकतंत्र का मंदिर है। लोकतंत्र के इस मंदिर में वसुधैव कुटुम्बकम् की संस्कृति को जीवंत बनाये रखने हेतु इनसाईक्लोपीडिया ऑफ हिन्दूईज़्म का आपके माध्यम से प्रतिष्ठित करना हम सभी के लिये गर्व का विषय है।

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श्री ओम बिड़ला जी ने साध्वी भगवती सरस्वती जी को तिलक लगाकर, रूद्राक्ष की माला और अंगवस्त्र भेंट कर उनके 50 वें जन्मदिन की शुभकामनायें देते हुये कहा कि साध्वी जी ने अपना पूरा जीवन माँ गंगा और मानवता की सेवा हेतु समर्पित कर दिया। पूज्य स्वामी जी विभिन्न सेवा प्रकल्पों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, संस्कार, पर्यावरण, मानवता और नदियों की सेवा कर रहें हैं।

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परमार्थ गंगा आरती सद्भाव और समभाव का अद्भुत उदाहरण है। स्वामी जी गुरूकुल के माध्यम से भारतीय संस्कृति और संस्कारों को नई पीढ़ी में रोपित कर रहे है ताकि भारतीय संस्कृति की यह अमूल्य धरोहर जीवंत बनी रहे। उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य जी ने साध्वी भगवती सरस्वती जी के 50 वें जन्मदिवस के अवसर पर शुभकामना संदेश भेजा ’’साध्वी जी आपने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज सेवा की महान परम्परा को आगे बढ़ाने में समर्पित कर दिया। आपकी यह सेवा भाव की विचारधारा हम सभी को प्रेरित करती है। परमेश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु होने की कामना करती हूँ।

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परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि वास्तव में साध्वी जी का जीवन हालीवुड से बालीवुड तक की डिवाइन यात्रा है। साध्वी जी एक डिवाइन क्रीयेशन है जिन्होंने अपना पूरा जीवन माँ गंगा, मानवता और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार हेतु समर्पित कर दिया। वे भारतीय संस्कृति और संस्कारों की प्रतिमूर्ति है। वह वैश्विक स्तर पर एक यूथ आइकॉनआ हैं।

आज साध्वी भगवती सरस्वती जी का 50 वाँ जन्मदिन है। इस पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश द्वारा संचालित प्रकाश भारती आश्रम में विधिवत रूप से परमार्थ नारी सशक्तिकरण केन्द्र (वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर) का उद्घाटन किया।

यहां (वोकेशनल ट्रेनिगं सेन्टर) में सिलाई, कढ़ाई डिजाइन, जूडो कराटे, कम्प्यूटर और योग का प्रशिक्षण निःशुल्क दिया जा रहा है। आज ट्रेनिगं सेन्टर के छात्र-छात्राओं ने मनमोहक प्रदर्शन किया। वर्तमान समय में पूरी दुनिया में कोविड – 19 के कारण आवाजाही लगभग बंद है इसलिये भारत सहित विश्व के अनेक देशों में रह रहे धर्मगुरूओं, यूनाइटेड नेशन्स, यूएनएफपीए, पार्लियामेंट ऑफ वर्ल्ड रिलिजन्स और विभिन्न वैश्विक संगठनों के पदाधिकारियों ने साध्वी भगवती सरस्वती जी के जन्मदिवस के अवसर पर शुभकामना संदेश वर्चुअल माध्यम से भेजे। सैकड़ों हृदय को स्पर्श करने वाले संदेशों को सुनकर साध्वी जी भावविभोर हो गयी।

साध्वी जी के 50 वे जन्मदिवस के अवसर पर प्रसिद्ध बालीवुड एक्टर श्री विवेक ओबेराय, प्रसिद्ध गायक सोनू निगम और अन्य अनेक महान विभूतियों ने आनॅलाइन जुड़कर शुभकामनायें दी। उनके 50 वें जन्मदिवस के अवसर पर ’हेस्टैक सेवा संडे’ और 1 वर्ष तक के लिये 50Acts of Kindness campaign लान्च किया।

इस अभियान के तहत एक वर्ष में कम से कम 50 दयालुता और परोपकार के कार्य करने वाले उन सभी विभूतियों का साध्वी जी के 51 वें जन्मदिवस पर अभिनन्दन किया जायेगा।

हमारा लक्ष्य इसे एक ऐसा अभियान बनाना है जिससे श्रद्धालु, भक्त, मित्र और अन्य सभी लोग जुड़कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिये आगे आये। इस अभियान से जुड़ें और इसे व्यापक स्तर पर प्रसारित करें। साध्वी भगवती सरस्वती जी, हाॅलीवुड, कैलिफोर्निया के एक अमेरिकी परिवार से है। वह स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से स्नातक की उपाधि प्राप्त कर पीएचडी कर रही थी तभी वर्ष 1996 में अमेरीका छोड़कर भारत में पवित्र हिमालय की वादियों में स्थित आध्यात्मिक नगरी ऋषिकेश, के परमार्थ निकेतन आश्रम में आकर मानवता की सेवा करने लगी।

भारत के प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरू स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के मार्गदर्शन एवं सान्निध्य में उन्होने वर्ष 2000 में संन्यास ग्रहण किया और तब से वे अनेक वैश्विक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करती हैं। साध्वी भगवती सरस्वती जी ’डिवाइन शक्ति फाउण्डेशन’ की अध्यक्ष हैं। यह संगठन महिलाओं के सशक्तिकरण एवं बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य को समर्पित है, जो निःशुल्क स्कूल, व्यावसायिक प्रशिक्षण केन्द्र और सशक्तिकरण कार्यक्रम चलाता है। साथ ही साध्वी जी ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव हैं।

यह एक अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरधार्मिक संगठन है जो विश्व स्तर पर बच्चों को स्वच्छ जल, स्वच्छता और स्वच्छता के कार्यो के लिये समर्पित है। साध्वी जी अध्यात्म, योग, प्राणायाम, ध्यान, तनावमुक्त जीवन एवं जीवन आनन्दमय कैसे जियें आदि अनेक विषयों पर सारगर्भित उद्बोधन देती है। वे वैश्विक मंचों पर विज्ञान, अध्यात्म, सतत विकास, जीवन में सुख और शान्ति जैसे विभिन्न विषयों पर उद्बोधन देती है। वह संयुक्त राष्ट्र संघ, विश्व धर्म की संसद, कई अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलनों और शिखर सम्मेलनों में भी स्पीकर रही हैं। उनका ज्ञान पश्चिम के ज्ञान-विज्ञान और तर्क के साथ पूरब की आध्यात्मिकता का मिश्रण है जो दो संस्कृतियों के मध्य आध्यात्मिक पुल के रूप में प्रसिद्ध है। वे प्रतिवर्ष परमार्थ निकेतन में होने वाले अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का निर्देशन भी करती है। उन्होने मनोविज्ञान से पीएचडी की और महाग्रण्थ हिन्दू धर्म विश्वकोश (इनसाईक्लोपीडिया ऑफ हिन्दूईज़्म) की प्रबंध संपादक रही है।

आज की परमार्थ गंगा आरती के पश्चात विश्व विख्यात ड्रम और ताल वादक शिवमणि जी ने वर्चुअल प्लेटफार्म पर मंत्रमुग्ध करने वाला संगीत प्रसारित किया। जिसका आनन्द लेकर सभी गद्गद हो गये।