रैन बसेरा, अलाव, खाद्यान्न सुनिश्चितता व मेडिकल सहायता पर विशेष जोर
टिहरी/दिनांक 01 दिसंबर, 2025।
टिहरी गढ़वाल की जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में सोमवार को आगामी कठोर शीतऋतु को देखते हुए एक महत्वपूर्ण जनपदीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड के दौरान किसी भी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएँ अग्रिम रूप से सुनिश्चित की जाएँ।
रैन बसेरा, कंबल, बिस्तर और हीटर की समुचित व्यवस्था अनिवार्य
जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम, तहसीलदारों और नगर पालिका ईओ को निर्देश दिए कि—
- रैन बसेरों में कंबल, भोजन, बिस्तर और हीटर की पर्याप्त उपलब्धता हो
- जरूरतमंद व्यक्तियों को रैन बसेरों तक पहुँचाने में टीम सक्रिय रहे
- गंभीर अवस्था वाले व्यक्तियों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए
- प्रमुख स्थलों पर अलाव की उचित व्यवस्था की जाए
उन्होंने यह भी कहा कि जनपद क्षेत्रांतर्गत 06 रैन बसेरा में उपलब्ध 66 बेड की ताज़ा फोटो तत्काल उपलब्ध कराई जाए और जहां साइनेज लगाने की आवश्यकता है, उसे तुरंत पूरा किया जाए।
आवारा पशुओं की देखभाल पर भी विशेष निर्देश
कठोर ठंड में आवारा पशुओं के बचाव हेतु जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि—
- गौशालाओं में चारा, गर्माहट व आश्रय की पर्याप्त व्यवस्था हो
- नगर निकाय रेस्क्यू टीम सक्रिय रहे
- खुले में घूम रहे पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
स्नो-कवर्ड क्षेत्रों में खाद्यान्न आपूर्ति पर विशेष तैयारी
जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) मनोज डोभाल को निर्देश दिए कि—
- कनाताल, धनोल्टी व आसपास के स्नो-कवर्ड क्षेत्रों में
खाद्यान्न आपूर्ति सुचारू और बाधारहित रहे - ठंड व बर्फबारी के दौरान सप्लाई चैन में कोई व्यवधान न हो
- आवश्यकतानुसार अग्रिम भंडारण सुनिश्चित किया जाए
आपदा प्रबंधन तैयारियाँ—JCB मशीनें तैयार रखें
डीडीएमओ को निर्देशित किया गया कि—
- जनपद में तैनात सभी JCB मशीनों की लोकेशन सूची तत्काल तैयार करें
- बर्फबारी या सड़क अवरोध की स्थिति में JCB टीम को तुरंत अलर्ट किया जा सके
- आपात स्थितियों में 24×7 रेस्पॉन्स सिस्टम सक्रिय रखा जाए
जिलाधिकारी का संदेश
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि शीतऋतु में आमजन को राहत पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि—
“कठोर शीतऋतु में कोई भी व्यक्ति भूखा, ठंडा या असहाय न रहे। सभी विभाग पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करें।”
