कार्यक्रम में 300 से अधिक छात्र-छात्राओं व शिक्षकों की भागीदारी
भिलंगना विकासखंड के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज, चमियाला घनसाली में दिनांक 20 अगस्त 2025 को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम द्वारा स्कूल सेफ्टी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर लगभग 300 छात्र-छात्राओं व अध्यापक-अध्यापिकाओं ने सक्रिय भागीदारी की।
आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार व रेस्क्यू तकनीक की दी जानकारी
NDRF टीम ने कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं, जिनमें –
- प्राथमिक उपचार (First Aid)
- CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन)
- स्टेचर के इंप्रोवाइजेशन तकनीक
- खोज एवं बचाव (Search & Rescue) उपकरणों का परिचय
कार्यक्रम के अंत में NDRF और SDRF टीमों ने संयुक्त रूप से बाढ़ रेस्क्यू डेमो प्रस्तुत किया। इस दौरान अविका तनवार, सलोनी, आदित्य ब्यास, सोनम, सागर, मोहित, नैना, शिवम, आशीष, विजय सिंह आदि छात्रों ने भी रेस्क्यू अभ्यास में भाग लिया।
उत्तराखंड में चल रहा है स्कूल सेफ्टी अभियान
कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे NDRF टीम कमांडर ने बताया कि यह अभियान कमांडेंट, 15वीं NDRF के निर्देशन में पूरे उत्तराखंड में चलाया जा रहा है।
- 18 अगस्त से 2 सितम्बर 2025 तक टिहरी जिले में लगभग 15 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
- 19 से 24 मई 2025 तक घनसाली ब्लॉक में और
- 26 मई से 2 सितम्बर 2025 तक चंबा, थौलधार, प्रतापनगर एवं जाखनीधार ब्लॉकों में भी ऐसे ही कार्यक्रम आयोजित होंगे।
विशेषज्ञों की मौजूदगी और मार्गदर्शन
इस अवसर पर इंस्पेक्टर ओम प्रकाश ठाकुर (NDRF टीम), SDRF टीम घनसाली, तथा जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य प्रशिक्षक अनिल सकलानी ने आपदा प्रबंधन से जुड़ी जानकारी और आपातकालीन टोल-फ्री नंबरों की जानकारी साझा की।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री रविन्द्र सिंह ने छात्रों को आपदा पूर्व तैयारियों और सतर्कता के महत्व से अवगत कराया तथा NDRF, SDRF और आपदा प्रबंधन विभाग का आभार व्यक्त किया।
Editor’s Note – सरहद का साक्षी
चूंकि Editor & Publisher, सरहद का साक्षी, डिजिटल मीडिया, भी इसी विद्यालय में वर्ष 1980- 81 में इंटर साइंस का विद्यार्थी रहा हूँ, इसलिए इस अवसर पर विद्यालय परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं एवं शुभेच्छा प्रेषित करता हूँ।
निष्कर्ष
NDRF और SDRF की इस पहल ने न केवल छात्रों को आपदा प्रबंधन की व्यावहारिक जानकारी दी, बल्कि उन्हें भविष्य की आपात स्थितियों से निपटने के लिए सक्षम भी बनाया।
