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[su_highlight background=”#098810″ color=”#ffffff”]सरहद का साक्षी, नई टिहरी।[/su_highlight] तीर्थस्थली देवप्रयाग से गजा नकोट होते हुए जिला मुख्यालय नई टिहरी व चम्बा शहर को आवाजाही करने वाले नकोट रानीचौरी मोटर मार्ग के मध्य दिवाड़ा एवं पालीगाड में अवष्यंभावी खतरों की ओर लोक निर्माण विभाग मुंह फेरे हुए है। इन दोनों स्थानों पर दुपहिया एवं छोटे चौपहिया वाहनों समेत पैदल आवाजाही करने वाले नागरिकों को निरन्तर खतरों का सामना करने को मजबूर होना पड़ रहा है।

मार्ग पर दोनों स्थानों में गदेरे का पानी लगातार चल रहा है जिस कारण मार्ग पर दरारें आ गई और सड़क पर ऊबड़ खाबड़ हालत में पड़े पत्थरों पर तीखी फिसलन पैदा हो रखी है, जिससे पैदल चलने वाले एवं दुपहिया वाहनों के फिसलकर गिर जाने का खतरा बना हुआ है। इन स्थानों पर कई बार दुपहिया वाहन चालक फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त भी हो चुके हैं। यहां तक कि कई दुपहिया वाहन सड़क से दूर छिटककर चालकों को भारी नुकसान भी पहंुचा चुके हैं।

बरसात के दौरान जब मार्ग के इन स्थानों पर ज्यादा फिसलन व पानी भारी मात्रा में बढ़ जाता है तो छोटे वाहन चालकों को अपना रूट बदलकर सेमल्टा मोटर मार्ग से चामनी थान होते हुए आवाजाही करने को मजबूर होना पड़ता है। जिससे उन्हें अतिरिक्त ईंधन के साथ समय की बरबादी व बिलम्ब से गन्तव्य तक पहंुचने की दोहरी मार झेलनी पड़ती है।
ज्ञातव्य हो कि मखलोगी व धारअकरिया प्रखण्ड के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, जूनियर, हाईस्कूल एवं इण्टर कालेजों में तैनात अधिकांश शिक्षण एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी, अन्य विभागों में कार्यरत स्टाॅफ, चाका, पोखरी, गजा, नकोट के जिला मुख्यालय में कार्यरत कर्मचारी, आम नागरिक, छात्र-छात्रायें स्वयं व किराये के वाहनों से होकर इसी मार्ग से होकर जिला मुख्यालय व अपने तैनाती स्थलों हेतु आवागमन करते हैं तथा बरसात के समय व उसके बाद इन दोनांे स्थानों गदेरे के पानी की अधिकता के चलते व बरसात के बाद लगातार पानी के चलते फिसलन के फलस्वरूप उनमें हर समय असुरक्षा का भय बना रहता है। एक ओर कार्यस्थल अथवा गन्तव्य तक पहंुचने हेतु समय की पाबन्दी और दूसरी तरफ असुरक्षा का भय उनके जेहन में निरन्तर बना रहता है।
ऐसा नहीं कि मार्ग संरक्षण का जिम्मा लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारी कर्मचारी व जनता की समस्याओं के निराकरण हेतु कटिबद्ध होने का ढिंढोरा पीटने वाले राजनेता इस मार्ग से आवागमन न करते हों, लेकिन उनका ध्यान इस ओर आज तक कभी नहीं गया प्रतीत होता है। यदि जन समस्याओं के प्रति सजग प्रहरी राजनेता व अधिकारी द्वारा इस मोटर मार्ग के इन दोनों स्थलों की स्थिति से विज्ञ होते तो आज तक इन दोनों स्थलों की स्थिति कुछ और होती? पुलिया न बन पाती तो कम से कम इन स्थानों पर नारदाने को बन ही जाते।
न्याय पंचायत नकोट के ग्राम प्रधान दिवाड़ा पूनम नेगी, प्रधान माणदा भगवान सिंह बिष्ट, प्रधान नकोट विनीता मखलोगा, तुंगोली संगीता रावत, फैगुल भगवान सिंह धनोला, छाती विनोद कुमार, पलाम काशीराम चमोली, जगेठी प्रेम लाल उनियाल आदि समेत क्षेत्रीय प्रतिनिधियों ने मोटर मार्ग के इन स्थानों पर पुल निर्माण की प्रबल मांग की है।
इस आशय का पत्र ये पंचायत प्रतिनिधि पूर्व में भी लोक निर्माण विभाग चम्बा को प्रेषित कर वुके हैं। मोटर मार्ग के मध्य दिवाड़ा एवं पालीगाड में अवष्यंभावी खतरों की ओर लोक निर्माण विभाग मुंह फेरे हुए है। इन दोनों स्थानों पर दुपहिया एवं छोटे वाहनों समेत पैदल आवाजाही करने वाले नागरिकों को निरन्तर खतरों का सामना करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
