डीडीएमए टिहरी के तत्वाधान में प्रतापनगर ब्लॉक के राजकीय इंटर कॉलेज माजफ में आयोजित प्रशिक्षण में 229 छात्र-छात्राओं ने सीखे आपदा से पूर्व तैयारी, प्राथमिक उपचार और आपातकालीन प्रबंधन के गुर
प्रतापनगर (टिहरी गढ़वाल), 15 अक्टूबर 2025।
जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल के निर्देशों और अपर जिलाधिकारी तथा आपदा प्रबंधन अधिकारी के आदेशों के अनुपालन में जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), टिहरी के तत्वाधान में स्कूल सेफ्टी आधारित एक दिवसीय आपदा प्रबंधन एवं न्यूनीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन राजकीय इंटर कॉलेज माजफ, प्रतापनगर में किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन डीडीएमए टिहरी के मास्टर ट्रेनर अनिल सकलानी द्वारा किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं एवं कार्मिकों को प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारी और आपातकालीन स्थिति में राहत-बचाव कार्यों के प्रति जागरूक करना था।
आपदा प्रबंधन पर व्यवहारिक प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान अनिल सकलानी ने क्षेत्र में संभावित प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, और आग लगने की घटनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने आपदा से पूर्व तैयारी, आपदा के दौरान की जाने वाली सावधानियां, तथा आपदा के पश्चात राहत कार्यों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की।
छात्रों को आपातकालीन उपकरणों के उपयोग, स्ट्रेचर बनाना, प्राथमिक उपचार, आग और बाढ़ से बचाव के तरीके, तथा निकासी मार्गों की पहचान और सुरक्षित स्थानों की जानकारी भी दी गई।
आपातकालीन नंबरों और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जनपद एवं राज्य आपातकालीन टोल फ्री नंबरों की जानकारी प्रदान की गई ताकि संकट की स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त की जा सके।
विद्यालय परिसर में सुरक्षित स्थानों और निकासी मार्गों का भी व्यवहारिक निरीक्षण कराया गया।
छात्रों में उत्साह, प्रधानाचार्य का प्रेरक संबोधन
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री शिवानन्द जोशी ने प्रशिक्षण में भाग लेने वाले सभी छात्रों और कार्मिकों को संबोधित करते हुए कहा कि —
“आपदा कभी भी आ सकती है, इसलिए पूर्व तैयारी ही सुरक्षा की कुंजी है। ऐसे प्रशिक्षण से न केवल विद्यालय बल्कि पूरा समाज सुरक्षित रह सकता है।”
कार्यक्रम में कुल 229 छात्र-छात्राएं एवं विद्यालय कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के अंत में छात्रों ने व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से सीखी गई तकनीकों का प्रदर्शन भी किया।
टिहरी गढ़वाल जिले में चल रहा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम स्कूल सेफ्टी और सामुदायिक जागरूकता की दिशा में एक सराहनीय कदम है। DDMA टिहरी द्वारा आयोजित ऐसे आयोजन भविष्य में आपदा के समय त्वरित और प्रभावी राहत कार्य सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होंगे।
