भरपूर, हिंडोलाखाल, सजवाणकांडा, गोर्ती काण्डा और लक्ष्मौली जैसी प्रमुख योजनाओं की प्रगति की हुई समीक्षा, 31 दिसंबर तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश
टिहरी/दिनांक 02 नवम्बर, 2025।
जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में शनिवार को तहसील देवप्रयाग क्षेत्रान्तर्गत पेयजल संबंधी गतिमान परियोजनाओं, जलापूर्ति व्यवस्था और समस्याओं के समाधान हेतु समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने भरपूर पंपिंग पेयजल योजना, हिंडोलाखाल पंपिंग पेयजल योजना, सजवाणकांडा पेयजल योजना, गोर्ती काण्डा पेयजल योजना, मणि चौरास पेयजल योजना, लक्ष्मौली हडिमधार पेयजल योजना तथा झंडीधार पेयजल योजना सहित अन्य परियोजनाओं की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट ली।
उन्होंने जल संस्थान, पेयजल निगम और ठेकेदारों से लंबित कार्यों एवं जलापूर्ति में आ रही बाधाओं की जानकारी लेते हुए कहा कि सभी कार्यों को शीघ्र गति प्रदान की जाए और स्थानीय जनता की पेयजल समस्या का समयबद्ध निस्तारण किया जाए।
🔹 भरपूर पंपिंग पेयजल योजना पर सख्त रुख
डीएम ने भरपूर योजना में धीमी कार्य गति पर ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई और निर्देश दिया कि 31 दिसंबर, 2025 तक सभी कार्य पूर्ण किए जाएं, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस विषय पर 17 नवम्बर को आरवीएनएल, एनएच, पेयजल निगम और कार्यदाई संस्था के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई जाएगी।
कार्यदाई संस्था के अधिकारी दीपक ने बताया कि योजना के कुछ हिस्से आरवीएनएल और एनएच के कार्यों से प्रभावित हुए हैं, जिससे देरी हुई है, किंतु अब तक 6 गांवों को जल जीवन मिशन के तहत जोड़ा जा चुका है।
🔹 हिंडोलाखाल योजना: 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण
बैठक में बताया गया कि हिंडोलाखाल पंपिंग पेयजल योजना 105 गांवों के लिए है, जिसमें 90% कार्य पूरा हो चुका है।
डीएम ने निर्देश दिए कि अगले 15 दिन में योजना को पेयजल निगम को विद स्टाफ हैंडओवर किया जाए ताकि संचालन में तेजी लाई जा सके।
🔹 सजवाणकांडा-देवप्रयाग योजना: संयुक्त निरीक्षण के आदेश
सजवाणकांडा-देवप्रयाग पेयजल योजना में आ रही तकनीकी समस्याओं पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान, पेयजल निगम और मैकेनिकल विभाग को संयुक्त निरीक्षण कर 10 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
🔹 अन्य योजनाओं की स्थिति
- गोर्ती काण्डा योजना के अंतर्गत जल संस्थान व पेयजल निगम के कुल 7 कार्य प्रगति पर हैं।
- मणि चौरास योजना के तहत 8 गांवों में नियमित जलापूर्ति हो रही है, जबकि एक ग्रामीण विवाद के कारण 8 गांवों में बाधा बनी हुई है। डीएम ने डीपीआरओ को 30 नवम्बर तक विवाद सुलझाने के निर्देश दिए।
- लक्ष्मौली हडिमधार योजना का 98% कार्य पूर्ण है। डीएम ने कहा कि दिसंबर तक इसे भी पूरा कर जल संस्थान को हस्तांतरित किया जाए।
- झंडीधार पेयजल योजना के जनवरी 2026 तक पूर्ण होने की संभावना जताई गई।
🔹 बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में सीडीओ वरुणा अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता (पेयजल निगम) संदीप कश्यप, डीडीओ मोहम्मद असलम, डीपीआरओ एम.एम. खान, ईई जल संस्थान नरेश पाल, ईई पेयजल निगम दौलत राम बेलवाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
