पेयजल, स्वच्छता, सीवर और पर्यावरण सुधार पर नागरिकों ने दिए सुझाव — टिहरी झील से चंबा तक पानी पहुंचाने की योजना पर हुई चर्चा
चंबा (टिहरी गढ़वाल)रिपोर्ट @ सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’।
जायका परियोजना (CSFDE) के अंतर्गत सामाजिक विशेषज्ञ मुकेश भट्ट और उनकी टीम ने नगर क्षेत्र चंबा की सुमन कॉलोनी वार्ड नंबर-01 में स्थानीय निवासियों के साथ एक संवाद बैठक आयोजित की। बैठक का उद्देश्य क्षेत्र में पेयजल, स्वच्छता, सीवर व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित समस्याओं और सुझावों पर चर्चा करना था।
इस दौरान परियोजना टीम ने क्षेत्रीय सर्वे कर नागरिकों से पत्रक के माध्यम से फीडबैक प्राप्त किया। बैठक का आयोजन सभासद Mahesh Panyuli के सहयोग से किया गया, जिसमें सुमन कॉलोनी के बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।
बैठक में नागरिकों ने प्रमुख रूप से इन समस्याओं को रखा —
- सीमित पेयजल आपूर्ति; तीसरे दिन केवल 100–200 लीटर पानी प्रति परिवार मिलना।
- पानी की गुणवत्ता की जांच न होना।
- सीवर लाइन न होने के कारण गंदे पानी का घरों में रिसाव।
- नालियों की समुचित व्यवस्था का अभाव।
- कॉलेज रोड क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय और पेशाबघर की कमी।
परियोजना विशेषज्ञों ने आश्वस्त किया कि प्राप्त सुझावों को पत्रक सहित संकलित कर उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा, ताकि शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि जायका/CSFDE परियोजना जापान से वित्त पोषित है और वन विभाग के सौजन्य से संचालित हो रही है। यह योजना हरित आवरण, आजीविका संवर्धन, जल संरक्षण और स्वच्छता सुधार जैसे विषयों पर कार्य कर रही है।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि क्षेत्र में टिहरी झील से चंबा तक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
बैठक में प्रमुख रूप से मार्कंडेय बडोनी, मकान सिंह बिष्ट, राघव रमोला, सुखदेव लखेड़ा, कमला देवी, उर्मिला देवी, लक्ष्मी देवी, शांति देवी, रेखा डोभाल, और सोबन सिंह भंडारी सहित अनेक नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने अपने मौखिक व लिखित सुझाव परियोजना टीम को सौंपे।
