एनएसएस स्थापना दिवस: महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में वृहद रूप से स्वच्छता कार्यक्रम के साथ बौद्धिक सत्र आयोजित
रुद्रप्रयाग: राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) स्थापना दिवस पर अनुसूया प्रसाद बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में रविवार को राष्ट्रीय सेवा योजना का एक दिवसीय शिविर आयोजित किया गया।
शिविर के प्रथम सत्र का आरंभ स्वयंसेवियों द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना के लक्ष्य गीत गाकर किया गया इसके पश्चात महाविद्यालय में वृहद रूप से स्वच्छता कार्यक्रम चलाया गया, जिसके अंतर्गत महाविद्यालय प्रांगण, खेल मैदान, कैंटीन और पेयजल स्थान आदि की सफाई की गई। शिविर के बौद्धिक सत्र का शुभारम्भ प्राचार्य डॉ सीताराम नैथानी के सम्बोधन से हुआ।
उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वयंसेवियों में राष्ट्रीय सेवा की भावना और समाज के कल्याण करने की भावना होनी चाहिए विद्यार्थी एनएसएस में प्रतिभाग कर न केवल समाज कल्याण के कार्यों में अपना सहयोग देता है अपितु शिविर में होने वाले बौद्धिक सत्रों के द्वारा और विभिन्न प्रतियोगिताओं के द्वारा स्वयं के चरित्र का भी विकास करता है।
एनएसएस वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ राजेश कुमार ने शिविर की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना के एक दिवसीय शिविर करने का उद्देश्य एवं एनएसएस के विषय में वृहद जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को गणतंत्र दिवस पर होने वाली परेड में स्वयंसेवियों की भागीदारी के विषय में अवगत कराया गया।
“उत्तराखंड की लोक परंपराएं” विषय पर आयोजित प्रतियोगिता की निर्णायक के रूप में आमंत्रित महाविद्यालय की प्राध्यापिका कनिका बड़वाल ने बौद्धिक सत्र में विद्यार्थियों को उत्तराखंड की लोक परंपरा के विषय में अवगत कराया साथ ही एनएसएस स्वयंसेवियो के द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर किए गए कार्यों जैसे करोना काल में स्वयंसेवियों द्वारा किये गए कार्य और विभिन्न आपदाओं में दी गई सेवाओं से अवगत कराया।
उन्होंने यह भी बताया कि एनएसएस वॉलिंटियर्स को एक दिवसीय शिविर में दिए गए कार्यों को तो करना ही होता है साथ ही भारत सरकार द्वारा समय-समय पर दिए गए कार्यक्रमों पर भी कार्य करना होता है। उनके द्वारा एनएसएस के सर्टिफिकेट की उपयोगिता के विषय में स्वयंसेवियो को अवगत कराया गया।
उन्होंने कहा एनएसएस के सर्टिफिकेट की प्राप्ति के पश्चात विद्यार्थी को शिक्षा के क्षेत्र में प्रवेश लेने पर अधिमानी अंकों की प्राप्ति होती है समाज कल्याण की ओर से निकलने वाली नौकरी की वैकेंसी में भी एनएसएस का सर्टिफिकेट उपयोगी होता है।
इस अवसर पर स्वयंसेवियों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया विद्यार्थियों द्वारा उत्तराखंड के लोकगीत गाए गए, लोक कथाएं और उत्तराखंड की लोक परंपरा के विषय में भाषण दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन एनएसएस अधिकारी डॉ तनुजा मौर्य के द्वारा किया गया, साथ ही उनके द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना का इतिहास और विकास, उद्देश्य एवं लक्ष्य, ध्येय वाक्य “स्वयं से पहले आप” राष्ट्रीय सेवा योजना का प्रतीक चिन्ह एवं बैज के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई। पूर्व स्वयंसेवी नितिन नेगी ने एनएसएस शिविर के अनुभव को विद्यार्थियों के साथ सांझा किया।
इस दौरान पर राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयं सेवियों द्वारा राष्ट्र सेवा के लिए शपथ भी ली गई। इस अवसर पर महाविद्यालय में एनएसएस समिति के सदस्य श्री संदीप, श्रीमती शर्मिला देवी और श्री जयवर्धन चौहान एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
