टिहरी में स्टाम्प शुल्क चोरी पर बड़ी कार्रवाई, छह मामलों में ₹8.84 लाख से अधिक की शास्ति अधिरोपित
व्यावसायिक भूमि को आवासीय दर्शाकर किया गया स्टाम्प शुल्क अपवंचन, एडीएम न्यायालय ने अर्थदण्ड सहित लगाई भारी शास्ति
टिहरी गढ़वाल, 16 जून 2026 | SKS News
जनपद टिहरी गढ़वाल में स्टाम्प शुल्क अपवंचन के मामलों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी की न्यायालय में लंबित स्टाम्प वादों की सुनवाई के दौरान स्टाम्प शुल्क की कमी से संबंधित छह मामलों का निस्तारण करते हुए कुल ₹8,84,680 की शास्ति अधिरोपित की गई है।
सुनवाई के दौरान यह पाया गया कि संबंधित पक्षकारों द्वारा संपत्तियों के वास्तविक स्वरूप को छिपाते हुए तथा भूमि के उपयोग की गलत जानकारी प्रस्तुत कर स्टाम्प शुल्क का अपवंचन किया गया था। जांच में सामने आया कि कुछ मामलों में व्यावसायिक उपयोग की भूमि को आवासीय भूमि दर्शाकर कम स्टाम्प शुल्क जमा कराया गया था।
अपर जिलाधिकारी न्यायालय ने ऐसे मामलों को गंभीर मानते हुए कमी स्टाम्प शुल्क की वसूली के साथ-साथ अर्थदण्ड भी अधिरोपित किया। इसके अतिरिक्त विलेख निष्पादन की तिथि से निर्णय की तिथि तक 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से शास्ति भी निर्धारित की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ऋषिकेश क्षेत्र के छह व्यक्तियों द्वारा व्यावसायिक भूमि को आवासीय प्रयोजन हेतु दर्शाकर स्टाम्प शुल्क की चोरी किए जाने का मामला सामने आया था। न्यायालय ने सभी मामलों की सुनवाई के बाद दोषी पाए गए पक्षकारों पर कुल ₹8 लाख 84 हजार 680 रुपये की शास्ति अधिरोपित की।
प्रशासन का कहना है कि राजस्व हितों की सुरक्षा तथा स्टाम्प शुल्क अपवंचन पर रोक लगाने के लिए भविष्य में भी ऐसे मामलों की नियमित समीक्षा और कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने नागरिकों से भूमि एवं संपत्ति संबंधी दस्तावेजों में सही जानकारी प्रस्तुत करने तथा नियमानुसार स्टाम्प शुल्क जमा करने की अपील की है।
राजस्व विभाग की इस कार्रवाई को स्टाम्प शुल्क चोरी के मामलों में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
