विशेष चिकित्सा दलों की तैनाती, हेली सेवा से उपचार, मानसिक सहयोग तक—धराली-हर्षिल में स्वास्थ्य विभाग ने निभाई जिम्मेदारी की भूमिका
उत्तरकाशी/धराली | दिनांक: 07 अगस्त 2025
धराली क्षेत्र में हालिया प्राकृतिक आपदा के बाद उत्तराखंड राज्य सरकार ने जिस तीव्रता और संवेदनशीलता से स्वास्थ्य सेवाओं को सक्रिय किया, वह आपदा प्रबंधन का एक अनुकरणीय उदाहरण बन गया है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है और स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार स्वयं मोर्चा संभाले हुए हैं।
✅ धराली-हर्षिल में विशेष चिकित्सा टीमें तैनात
स्वास्थ्य सचिव डॉ. राजेश कुमार के अनुसार, धराली और हर्षिल क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से 9 सदस्यीय विशेष मेडिकल टीम भेजी गई है। टीम मौके पर ही स्थानीय प्रशासन के सहयोग से प्राथमिक उपचार और आपात सेवाएं प्रदान कर रही है।
✅ मातली में 12 सदस्यीय चिकित्सा दल, 70+ घायलों का इलाज
एक अलग 12 सदस्यीय चिकित्सा टीम को डॉ. आर. एस. बिष्ट (अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं सीएमएस, दून अस्पताल) के नेतृत्व में मातली भेजा गया है, जिसमें 7 डॉक्टर और 5 पैरामेडिकल स्टाफ शामिल हैं। इस टीम ने अब तक 70 से अधिक घायल व्यक्तियों का इलाज किया, जिनमें से कई को एयरलिफ्ट कर लाया गया।
डॉ. बिष्ट ने बताया कि आज किसी मरीज को रैफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ी, जिससे राहत की स्थिति का संकेत मिलता है।
✅ गंभीर मरीजों को ऋषिकेश एम्स व मिलिट्री हॉस्पिटल किया गया रेफर
अब तक 09 घायल मरीज उत्तरकाशी जिला अस्पताल में भर्ती हैं, जिनकी हालत स्थिर है। वहीं, 03 गंभीर मरीजों को एम्स ऋषिकेश और 02 को मिलिट्री हॉस्पिटल में रेफर किया गया है। वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में इलाज जारी है।
✅ हेलीकॉप्टर से त्वरित चिकित्सा टीम भेजने की व्यवस्था
डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि ज़रूरत पड़ने पर अतिरिक्त चिकित्सा टीमें पहले से तैयार हैं जिन्हें हेलिकॉप्टर के माध्यम से तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जा रहा है। विभाग की 24×7 आपात चिकित्सा सेवा व्यवस्था यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी व्यक्ति उपचार से वंचित न रहे।
✅ मनोचिकित्सक टीमें भी मैदान में—मानसिक सहयोग प्राथमिकता में
आपदा में केवल शारीरिक नहीं, मानसिक आघात भी एक बड़ी चुनौती होती है। इसे ध्यान में रखते हुए मनोचिकित्सकों की टीमें भी धराली में तैनात की गई हैं, जो पीड़ितों को निरंतर काउंसलिंग व मानसिक सहारा दे रही हैं।
🗣️ स्वास्थ्य सचिव का संकल्प: हर नागरिक तक पहुंचे उपचार
स्वास्थ्य सचिव ने कहा —
“हमारे लिए हर नागरिक की जान महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार का प्रयास है कि एक भी व्यक्ति चिकित्सा सुविधा से वंचित न रहे।“
उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रशासन की यही सक्रियता और प्रतिबद्धता आपदा प्रबंधन के नए मानक स्थापित कर रही है।
