नई टिहरी आईटीआई परिसर में 18 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का आंदोलन
🟠 एसीपी बहाली, पुरानी पेंशन, वेतन विसंगति और गोल्डन कार्ड पर कैशलेस सुविधा की मांग, विभिन्न विभागों के कार्मिकों की सहभागिता
📰 टिहरी | 24 जनवरी 2026
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखंड की प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर 18 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहे चरणबद्ध आंदोलन के अंतर्गत शुक्रवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद टिहरी गढ़वाल की जिला कार्यकारिणी द्वारा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) कार्यालय परिसर, नई टिहरी में गेट मीटिंग आयोजित की गई।
गेट मीटिंग की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष भगवान सिंह राणा ने की, जबकि कार्यक्रम का नेतृत्व जिला उपाध्यक्ष भुवनेश्वर प्रसाद सेमवाल एवं प्रीती कश्यप के संयुक्त नेतृत्व में किया गया।
📌 कर्मचारियों की 18 सूत्रीय प्रमुख मांगें
🔹 1. आर्थिक एवं वेतन विसंगति से जुड़ी मांगें
ACP बहाली: 10, 16 एवं 26 वर्ष की सेवा पर पूर्ववत एसीपी व्यवस्था लागू की जाए।
वेतन विसंगति: विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियां दूर कर समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक कर लागू की जाए।
मकान किराया भत्ता (HRA): राज्य कर्मचारियों को केंद्र सरकार की भांति केंद्रीय दरों पर HRA दिया जाए।
वाहन भत्ता: संशोधित वाहन भत्ते से वंचित संवर्गों को लाभ देने का प्रस्ताव कैबिनेट में स्वीकृत किया जाए।
वेतनवृद्धि लाभ: 30 जून एवं 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त कर्मियों को काल्पनिक वेतनवृद्धि का लाभ दिया जाए।
🔹 2. पेंशन एवं सेवानिवृत्ति लाभ
पुरानी पेंशन योजना (OPS): राजस्थान व पंजाब की तर्ज पर NPS समाप्त कर OPS लागू की जाए।
पेंशन राशिकरण: राशिकरण कटौती की अवधि कम की जाए।
वर्कचार्ज कर्मी: सुप्रीम कोर्ट के निर्णयानुसार पेंशन व ग्रेच्युटी भुगतान में आ रही बाधाएं दूर की जाएं।
8वां वेतन आयोग: केंद्र को भेजे जाने वाले सुझावों में कर्मचारी परिषद के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए।
🔹 3. चिकित्सा सुविधाएं (गोल्डन कार्ड)
जन औषधि केंद्रों में दवाएं व पैथोलॉजी जांच पूर्णतः कैशलेस की जाएं।
चिकित्सा प्रतिपूर्ति व अस्पताल भुगतान हेतु स्थायी बजट व्यवस्था की जाए।
सेवानिवृत्त कर्मियों के चिकित्सा बिलों के भुगतान हेतु स्पष्ट शासनादेश जारी किया जाए।
🔹 4. पदोन्नति एवं सेवा नियमावली
पदोन्नति में शिथिलीकरण हेतु परिवीक्षा अवधि की अनिवार्यता समाप्त की जाए।
विभाग पुनर्गठन एवं सेवा नियमावली संशोधन कर्मचारी संगठनों से संवाद कर किया जाए।
लंबित मामलों हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में विशेष बैठक आयोजित की जाए।
🔹 5. अन्य महत्वपूर्ण मांगें
निगमों, निकायों, विश्वविद्यालयों व अशासकीय विद्यालयों के कार्मिकों को राज्य कर्मचारियों के समान सुविधाएं दी जाएं।
वर्दीधारी संवर्गों को पुलिस कर्मियों के समान सुविधाएं प्रदान की जाएं।
आउटसोर्सिंग कार्मिकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
मान्यता प्राप्त संगठनों के साथ नियमित संवाद, समयबद्ध पदोन्नति एवं एसीआर अंकन सुनिश्चित किया जाए।
🔔 आंदोलन को व्यापक बनाने का निर्णय
परिषद द्वारा विकासखंड स्तरीय समितियों से अपने-अपने क्षेत्रों में गेट मीटिंग कर जन-जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया गया।
इसी क्रम में बाल विकास कार्यालय परिसर, जाखणीधार में दीपिका तिवाड़ी के नेतृत्व में भी गेट मीटिंग आयोजित कर आंदोलन को समर्थन दिया गया।
👥 विभिन्न विभागों की सहभागिता
आज की गेट मीटिंग में ग्राम्य विकास, पंचायती राज, सहकारिता, युवा कल्याण, बाल विकास विभाग एवं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) सहित विभिन्न संवर्गों के कार्मिकों ने भागीदारी की।
👤 कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी
कार्यक्रम में भगवान सिंह राणा (अध्यक्ष), सतेंद्र चौहान (संरक्षक), ममता भट्ट, भुवनेश्वर प्रसाद सेमवाल, दीपिका तिवाड़ी, प्रीती कश्यप, कुलदीप रावत, रणवीर सिंह, यशपाल रावत, राजेश लाल, संदीप कुमार, विजया कुकरेती, रजनी भट्ट, संगीता रतूड़ी, निर्मला पंवार, रजनी रमोला सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
