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पंजीकरण जरूर करवाएं चारधाम आने वाले श्रद्धालु, सरकार की कोशिश प्रत्येक श्रद्धालु को मिले दर्शन का अवसर
गढ़वाल आयुक्त ने मीडिया सेंटर सचिवालय में चारधाम यात्रा को लेकर की जा रही व्यवस्थाओं की दी जानकारी
सुगम व सुरक्षित यात्रा के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कर रहे हैं लगातार मॉनिटरिंग
14 मई तक चार धामों में ऑनलाइन रूप से कुल 26 लाख 73 हजार 519 रजिस्ट्रेशन हुए
हरिद्वार एवं ऋषिकेश में 8 से 14 मई तक ऑफलाइन के माध्यम से कुल 1,42,641 पंजीकरण हुए
यात्रियों की स्वास्थ्य जांच के लिए ऋषिकेश में स्क्रीनिंग के इंतजाम के साथ ही पूछी जा रही है मेडिकल हिस्ट्री
पंजीकरण के समय मेडिकल हिस्ट्री न छुपाएं
देहरादून: पंजीकरण जरूर करवाएं चारधाम आने वाले श्रद्धालु, सरकार की कोशिश प्रत्येक श्रद्धालु को दर्शन का अवसर मिले, यह बात गढ़वाल आयुक्त श्री विनय शंकर पांडेय ने चारधामों में राज्य सरकार की ओर से की गई तैयारियों व व्यवस्थाओं को लेकर सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में जानकारी देते हुए कही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में सुगम व सुरक्षित यात्रा के संचालन के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हर श्रद्धालु को दर्शन का लाभ मिले। हमें इसी में संतुलन बनाकर चलना है कि श्रद्धालुओं की यात्रा भी सुरक्षित हो और उन्हें दर्शन का लाभ भी मिले।
गढ़वाल आयुक्त ने बताया कि चारधामों में 14 मई तक ऑनलाइन कुल 26 लाख 73 हजार 519 रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। गंगोत्री में 4 लाख 21 हजार 366, यमुनोत्री में 4 लाख 78 हजार 576, श्री बद्रीनाथ धाम में 9 लाख सात हजार 60 और केदारनाथ धाम में कुल 8 लाख 13 हजार 558 जबकि श्री हेमकुंड साहिब के लिए 59,312 पंजीकरण हो चुके हैं। इसके अलावा हरिद्वार एवं ऋषिकेश में 8 से 14 मई तक ऑफलाइन के माध्यम से कुल 1,42,641 पंजीकरण हुए हैं। उन्होंने बताया कि यमुनोत्री में 59,158, गंगोत्री में 51,378, केदारनाथ में 1,26,306 व बद्रीनाथ धाम में 39,574 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
पहले दिन, पिछले वर्ष की तुलना में कहीं अधिक संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि यह देवभूमि उत्तराखंड का सौभाग्य है कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। इसके साथ-साथ कुछ चुनौतियां भी होती हैं, जिसके लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यमुनोत्री धाम में पांच किमी का रास्ता बेहद संकरा है और यहां पर एक समय में सीमित संख्या में ही लोग आवागमन कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि गत वर्ष जब कपाट खुले थे तो कुल 6,838 श्रद्धालु आए थे जबकि इस वर्ष कपाट खुलने वाले दिन 12,193 यात्री आये। इसी तरह केदारनाथ धाम में गत वर्ष कपाट खुलने पर 18,335 तो इस वर्ष लगभग 29 हजार श्रद्धालु मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में कहीं ज्यादा श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिस कारण कुछ परेशानियां हो रही हैं, लेकिन इन्हें भी दूर करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यमुनोत्री धाम के जानकी चट्टी में कुल 15,455 श्रद्धालु थे जिनमें से आज सुबह 10 बजे तक कुल 4 हजार दर्शन भी कर चुके थे। गंगोत्री में 3902, केदारनाथ में सुबह 10 बजे तक 8194 एवं बद्रीनाथ में 4518 ने दर्शन किये।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता, यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जा रहा
गढ़वाल मंडल आयुक्त ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उनको सुरक्षित वापस पहुँचाना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर कुछ यात्रियों को यमुनोत्री व गंगोत्री मार्ग पर ठहराया भी जा रहा है। सूखी टॉप से लौटते समय व गंगनानी से आगे गेट सिस्टम लागू किया गया है। यहां पर सिंगल रोड है इसलिए भी ठहराव की व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन की ओर से तमाम वीडियोज भी शेयर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है और हम अपनी ओर से सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं देने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए गए अहम निर्णय, बगैर रजिस्ट्रेशन यात्रा न करें श्रद्धालु, बिना रजिस्ट्रेशन वाले यात्रियों को ले जाने पर संबंधित वाहनों के परमिट भी होंगे सस्पेंड
उन्होंने बताया कि आज सुबह सचिवालय में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में एक बैठक हुई जिसमें यह तथ्य सामने आया कि ऑफलाइन पंजीकरण में जिन लोगों को उदाहरण के तौर पर 20,21,22 मई के लिए पंजीकरण कराया गया था, उनके द्वारा भी पहले ही यात्रा कर ली जा रही है। इस कारण भी श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हो रही है।
उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव ने निर्देश दिये हैं कि आज से स्थानीय स्तर पर आरटीओ एवं जिला प्रशासन की टीमें सख्ताई से चेकिंग करेंगे। साथ ही इस बात का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा कि चेकिंग के चलते यातायात व्यवस्था बाधित न हो। अगर कोई टूर ऑपरेटर पंजीकरण वाले दिनों से इतर यात्रियों को ले जाते हुए मिलता है तो यात्रियों को होल्ड करने के साथ ही वाहनों के परमिट भी सस्पेंड किये जायेंगे। साथ ही एक एडवाइजरी अन्य राज्यों को भी जारी करने के लिए कहा जा रहा है कि वह लोगों से अपील करें कि रजिस्ट्रेशन उपरांत यात्रा करें।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन पौड़ी और टिहरी को भी यात्रा रूट पर होल्डिंग एरियाज को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां वाहनों की पार्किंग की भी पर्याप्त व्यवस्था हो और श्रद्धालुओं को भोजन पानी सब उपलब्ध कराया जाए। जो श्रद्धालु अपने से बाजार आदि जाना चाहता है उन्हें इसकी अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को चाहिए कि बगैर रजिस्ट्रेशन के यात्रा न करें। जिनके पंजीकरण बाद के हैं वे उसी समय यात्रा करें।
बल्क मैसेज से दी जा रही जानकारी
गढ़वाल आयुक्त ने बताया कि बल्क एसएमएस के माध्यम से होल्ड रेश्यो की जानकारी दी जा रही है, की उन्हें कितनी देर और रुकना होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यात्रा व्यवस्था को लेकर बेहद गंभीर हैं और उनके द्वारा लगातार अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं। सचिव मुख्यमंत्री आर मीनाक्षी सुंदरम को उत्तरकाशी में कैम्प करने के निर्देश दिए गए हैं। व्यवस्था बनाने के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है।
श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग को किये गये हैं पर्याप्त इंतजाम
उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच संबंधी स्क्रीनिंग के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से ऋषिकेश में इसका जायजा लिया है। जो भी श्रद्धालु आ रहे हैं, उन्हें स्क्रीनिंग के लिए पर्ची प्रदान की जा रही है। साथ ही उन्हें एक फॉर्म भी दिया जा रहा है जिसमें उनसे उनके स्वास्थ्य संबंधी हिस्ट्री पूछी जा रही है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को भी चाहिए कि वे अपनी स्वास्थ्य के बारे में पूरी जानकारी प्रदान करें। यह चारों ही धाम हाई एल्टीट्यूड में हैं जहां एकाएक गर्म स्थानों से आये लोगों को परिस्थितियों में ढलने में दिक्कत होती है।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग कि ओर से कुल 14 भाषाओं में स्वास्थ्य एडवाइजरी भी जारी की गई है। उन्होंने बताया कि अब तक अलग अलग स्थानों पर 11 लोगों की मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई है। गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि केदारनाथ धाम के लिए 18 हजार प्रतिदिन व यमुनोत्री में 8 हजार श्रद्धालु प्रतिदिन के लिहाज से पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के अनुरूप यात्रा सुरक्षित और सुगम तरह से चले यह सुनिश्चित किया जा रहा है।
“खबर वही होती है जिसे दबाने की कोशिश की जाती है, बाकी सब विज्ञापन है। मकसद स्पष्ट होना चाहिए। असल मायने यह है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं। मैं न केवल कलमकार हूँ, बल्कि खबरों के छपने की नींव भी हूँ। इस व्यवस्था का हिस्सेदार हूँ, और इसे बदलने का इच्छुक भी। भावनाओं के साथ बुद्धि का संतुलन रखता हूँ, सच्चाई का साथ और झूठ का विरोध करता हूँ।“