अल्मोड़ा के सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल, शिकायतें वर्षों से लंबित – अधिकारियों पर मनमाने ढंग से “स्पेशल क्लोज़” करने का आरोप।
अल्मोड़ा, संवाददाता।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, जिसे जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान का माध्यम बताया गया था, अब आम लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही है। अल्मोड़ा जिले के सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने इसे “जनता की उम्मीदों से विश्वासघात” करार देते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
📌 शिकायतें कागज़ों में दबाई गईं
पाण्डे का कहना है कि हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का निस्तारण करने के बजाय अधिकारी उन्हें मनमाने ढंग से “स्पेशल क्लोज़” में डाल रहे हैं।
- राज्यपाल के अनु सचिव द्वारा L4 स्तर पर भेजी गई शिकायत को, L3 स्तर के अधिकारी ने बिना कार्रवाई सीधे “स्पेशल क्लोज़” कर दिया।
- मुख्यमंत्री कार्यालय से भेजी गई दो शिकायतें भी ठंडे बस्ते में डाल दी गईं।
📌 वर्षों से लंबित शिकायतें
पाण्डे ने बताया कि कई शिकायतें वर्षों से लंबित हैं –
- CHML 0820238432564 (24 अगस्त 2023)
- CHML 0920238448554 (26 सितम्बर 2023)
दो साल से बिना निस्तारण पड़ी हैं।
यहाँ तक कि— - CHML 032025870316 (8 मार्च 2025)
शिकायत पर भी कोई हल नहीं निकला और जिलाधिकारी अल्मोड़ा ने इस पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई।
📌 चुनिंदा शिकायतें ही सुनवाई में
पाण्डे का आरोप है कि मुख्यमंत्री केवल चुनिंदा शिकायतें सुनते हैं, जबकि आम जनता की समस्याएं लगातार अनसुनी की जा रही हैं। जिले के अधिकारी हेल्पलाइन की समीक्षा तक नहीं करते, जिससे लोगों में गहरी नाराज़गी है।
📌 सरकार की साख पर असर
संजय पाण्डे ने मुख्यमंत्री से मांग की कि हेल्पलाइन प्रणाली की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो जनता का भरोसा सरकार से उठ जाएगा और यह सरकार की साख पर सीधा आघात होगा।
