सीधी भर्ती से प्रधानाचार्य नियुक्ति का विरोध, स्थानांतरण नीति व वित्तीय लाभों में पारदर्शिता की मांग — पदाधिकारियों ने कहा, मांगें पूरी न हुईं तो होगा उग्र आंदोलन
रुड़की, 25 अगस्त 2025।
राजकीय शिक्षक संघ हरिद्वार ने अपनी लम्बित मांगों के समाधान हेतु आंदोलन की चेतावनी दी है। इस संबंध में संघ के पदाधिकारियों एवं शिक्षक प्रतिनिधियों ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा, उत्तराखंड, देहरादून एवं ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
संघ की ओर से दिए गए ज्ञापन में प्रमुख मांगों में प्रधानाचार्य पद पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया को निरस्त कर पूर्व की भांति पदोन्नति प्रणाली से पदों को भरा जाना, स्थानांतरण नीति में पारदर्शिता, चयन व ग्रेड वेतनमान का अनुमोदन, तथा अन्य वित्तीय लाभों का भुगतान शामिल हैं।
संघ ने साफ कहा है कि यदि इन मांगों पर सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो शिक्षक वर्ग आंदोलन करने को बाध्य होगा।
✍️ उपस्थित पदाधिकारी और प्रतिनिधि
ज्ञापन देने के अवसर पर संघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से —
रविन्द्र ममगाई, लाल सिंह, शिव सिंह रावत, जसमेन्द्र सागर, कृष्णा यादव, ललित मोहन जोशी, अर्चना सैनी, यामिनी नागर, अलका, श्वेता नौठियाल, मंजू सिंह, भूपेन्द्र सिंह, अनिल धीमान, सुशील चौधरी, निरूपमा वर्मा, शैलेन्द्र गौड, सतेन्द्र कुमार, परवेज आलम, संतोषी विष्ट, मान सिंह, रविन्द्र बिजल्वाण, नरेन्द्र शर्मा, मंजीत सिंह, योगेश कुमार, ममता लखेडा, संतोषी रावत, श्रद्धा शर्मा, शालिनी सिंघल, रोशनलाल, मंजू चंदोला, विवेक सैनी एवं लोकेश कुमार शामिल रहे।
✍️ संघ का रुख
पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक है। यदि सरकार ने शीघ्र समाधान नहीं किया तो आंदोलन चरणबद्ध तरीके से और भी उग्र रूप लेगा।
