सरस्वती शिशु विद्या मन्दिर नकोट का वार्षिक समारोह हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न
भैया-बहनों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां, शिक्षा व संस्कारों का दिया सशक्त संदेश
नकोट, टिहरी गढ़वाल।
मखलोगी प्रखण्ड स्थित सरस्वती शिशु विद्या मन्दिर नकोट का वार्षिक समारोह इस वर्ष भी बड़ी धूमधाम, उत्साह और संस्कारमय वातावरण के बीच सम्पन्न हुआ। विद्यालय प्रांगण में आयोजित इस समारोह में भैया-बहनों द्वारा प्रस्तुत शिक्षाप्रद, सामाजिक चेतना से जुड़े एवं मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित अभिभावकों, अतिथियों एवं दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं वंदना के साथ किया गया। इसके उपरांत विद्यालय के नन्हे-मुन्ने भैया-बहनों ने एक के बाद एक देशभक्ति, सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार, पर्यावरण संरक्षण, नारी सशक्तिकरण और भारतीय संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां दीं, जिनमें दर्शकों की तालियों की गूंज देर तक सुनाई देती रही।
संस्कारयुक्त शिक्षा की झलक दिखी मंच पर
वार्षिक समारोह में प्रस्तुत नृत्य, गीत, लघु नाटक और समूह प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि
शिक्षा केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की चेतना है।
विशेष रूप से सामाजिक बुराइयों, नशा मुक्ति, स्वच्छता, अनुशासन और पारिवारिक मूल्यों पर आधारित प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को शिक्षाप्रद एवं विचारोत्तेजक बना दिया।
मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने की सराहना
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद चम्बा की अध्यक्ष शोभनी धनोला ने अपने संबोधन में कहा कि—
“सरस्वती शिशु विद्या मन्दिर जैसे विद्यालय न केवल शिक्षा दे रहे हैं, बल्कि बच्चों में संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना भी विकसित कर रहे हैं। ऐसे विद्यालय समाज की मजबूत नींव हैं।”
विशिष्ट अतिथि कनिष्ठ प्रमुख सरोज मखलोगा ने भैया-बहनों की प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में इस प्रकार की गुणवत्तापूर्ण व संस्कारयुक्त शिक्षा सराहनीय है और अभिभावकों को अपने बच्चों को ऐसे विद्यालयों से जोड़ना चाहिए।
विद्यालय परिवार की भूमिका रही सराहनीय
विद्यालय के प्रबंधक पुरुषोत्तम उनियाल एवं प्रधानाचार्य सुभाष उनियाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, सामाजिक चेतना और भारतीय संस्कृति का संरक्षण है।
प्रधानाचार्य ने वार्षिक आख्या प्रस्तुत करते हुए विद्यालय की शैक्षणिक, सहशैक्षणिक एवं नैतिक गतिविधियों की जानकारी दी और आचार्यों के प्रयासों की सराहना की।
इन गणमान्य अतिथियों की रही उपस्थिति
समारोह में सेवा भारती से राजेन्द्र सिंह खाती, गजेन्द्र खाती, लक्ष्मी प्रसाद बैलवाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य राहुल कुठ्ठी, नगर पालिका चम्बा से सीमा खंडका, मातवर सिंह रावत, चतर सिंह धनोला, नरेन्द्र सिंह धनोला,
वरिष्ठ भाजपा नेता मोर सिंह धनोला, पूर्व प्रधान भगवान सिंह धनोला, धर्मेन्द्र सिंह रावत, विद्यालय के कोषाध्यक्ष आयशा चमोली तथा विद्यालय की आचार्य ममता नेगी, प्रियंका रावत, सुप्रिया रावत, कोमल रावत सहित बड़ी संख्या में अभिभावक एवं स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
संस्कृति, शिक्षा और समाज का सुंदर संगम
पूरा समारोह भारतीय संस्कृति, शैक्षिक अनुशासन और सामाजिक चेतना का जीवंत उदाहरण बना। कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों ने विद्यालय परिवार को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
