आउटसोर्सिंग के माध्यम से विद्यालयों और शिक्षा कार्यालयों में होगी तैनाती, स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिलेगी
देहरादून, 9 सितम्बर 2025।
उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा विभाग में लंबे समय से रिक्त पड़े 2364 चतुर्थ श्रेणी पदों पर शीघ्र ही भर्ती प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि इन पदों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरा जाएगा और इसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा विभाग में केवल बुनियादी ढांचे को ही नहीं, बल्कि मानव संसाधन उपलब्ध कराने पर भी जोर दे रही है। इसी कड़ी में विभाग के विभिन्न कार्यालयों और विद्यालयों में सृजित चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों को आउटसोर्स के पदों में परिवर्तित करने की मंजूरी दी जा चुकी है, जिसका शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।
📌 कहां होंगे पद सृजित
- महानिदेशालय कार्यालय, निदेशालय माध्यमिक शिक्षा, प्राथमिक शिक्षा, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान (SCERT), बोर्ड कार्यालय रामनगर, मंडलीय अपर निदेशक कार्यालय (गढ़वाल एवं कुमाऊं), सभी डायट, मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में 334 पद।
- 1000 से अधिक छात्र संख्या वाले इंटर कॉलेज में 2 परिचारक और 1 स्वच्छक/चौकीदार।
- 500 से 1000 छात्र संख्या वाले इंटर कॉलेज में 1-1 परिचारक और चौकीदार।
- 500 से कम छात्र संख्या वाले इंटर कॉलेज एवं हाईस्कूल में 1 चौकीदार।
- नवीन उच्चीकृत विद्यालयों में, जहां पद सृजित नहीं हैं, वहां भी 1 चौकीदार की स्वीकृति।
इस प्रकार कुल 2023 पद राजकीय विद्यालयों में और अन्य कार्यालयों सहित कुल 2364 पदों को आउटसोर्सिंग के तहत स्वीकृत किया गया है।
💰 मानदेय और नियम
आउटसोर्स से तैनात कर्मचारियों को प्रतिमाह ₹15,000 मानदेय दिया जाएगा। साथ ही, नियुक्ति प्रक्रिया में राज्य में प्रचलित आरक्षण नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि विभागीय अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विद्यालयों एवं कार्यालयों में जल्द से जल्द कर्मचारियों की तैनाती की जा सके।
