भू-अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन पर विस्तृत सुनवाई | ग्रामीणों ने प्रतिकर, पुनर्वास, रोजगार व स्थानीय समस्याओं पर रखी माँग
टिहरी गढ़वाल, 24 अगस्त 2025। जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल ने शनिवार, 23 अगस्त को सौंग बाँध पेयजल परियोजना से प्रभावित काश्तकारों की समस्याओं की सुनवाई डैम साइट ऑफिस, ग्राम सौंदणा में की।
इस अवसर पर प्रभावित ग्रामीणों और काश्तकारों ने भू-अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन से जुड़े मुद्दे विस्तार से प्रस्तुत किए।
ग्राम घुड़सालगाँव, रगड़गाँव एवं ग्वाली डाण्डा चक सौंदणा से जुड़े मामलों में ग्रामीणों ने मांग रखी कि—
- पात्रता की कट ऑफ डेट वर्तमान तिथि से निर्धारित की जाए।
- आंशिक प्रभावितों को नगद प्रतिकर एवं बाजार मूल्य पर भुगतान मिले।
- जिनका आवासीय भवन प्रभावित क्षेत्र में आ रहा है, उन्हें 200 वर्ग मीटर का आवासीय भूखंड दिया जाए।
- जिन पूर्ण प्रभावित परिवारों का नाम सूची में छूट गया है या पात्रता निर्धारण नहीं हुआ है, उन्हें शामिल किया जाए।
- संयुक्त खातेदारों की संपत्ति का अलग-अलग मूल्यांकन किया जाए।
- परियोजना में स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएँ।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने बरसात में रास्तों के टूटने, विद्यालयों और सड़कों की स्थिति जैसी स्थानीय समस्याएँ भी जिलाधिकारी के समक्ष रखीं।
ज्येष्ठ प्रमुख ने सुझाव दिया कि सड़क कटाई का मलबा नदी में न डाला जाए, बल्कि निर्धारित डंपिंग जोन में निस्तारित किया जाए।
साथ ही, ग्रामीणों ने घुड़साल व कुंड गांव में टावर लगने के बावजूद मोबाइल नेटवर्क चालू न होने की शिकायत भी रखी।
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि जनहित में न्यायसंगत और उपयोगी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी अवधेश कुमार सिंह, महाप्रबंधक सॉन्ग बांध परियोजना शिव नारायण सिंह, उपमहाप्रबंधक पी.एस. बिष्ट, एसडीएम धनोल्टी मंजू राजपूत, अधिशासी अभियंता सिंचाई धीरेन्द्र नेगी, जिला पंचायत सदस्य भूत्सी से सीता मनवाल, राजस्व निरीक्षक कुलदीप सिंह रावत सहित विभागीय अधिकारी और विभिन्न गांवों के काश्तकार उपस्थित रहे।
