टिहरी मेडिकल कॉलेज को लेकर विधायक पर कांग्रेस का हमला, राकेश राणा बोले— "झूठ का पुलिंदा लेकर जनता के बीच जा रहे हैं किशोर उपाध्याय"
15 वर्षों के कार्यकाल का हिसाब देने के बजाय पुरानी घोषणाओं को उपलब्धि बताने का लगाया आरोप, मेडिकल कॉलेज समेत कई मुद्दों पर मांगा जवाब
नई टिहरी, 28 जुलाई 2026 | SKS Digital
टिहरी मेडिकल कॉलेज को लेकर जिले की राजनीति लगातार गरमाती जा रही है। इस बीच जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी गढ़वाल के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश राणा ने टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि लगभग 15 वर्षों तक विधायक रहने के बावजूद उनके पास जनता के सामने रखने के लिए कोई ठोस उपलब्धि नहीं है। इसलिए वे पुरानी घोषणाओं और अन्य लोगों के प्रयासों का श्रेय लेकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।
राणा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के मुद्दे पर विधायक द्वारा किए जा रहे दावे “उपलब्धियों का पुलिंदा नहीं, बल्कि झूठ और भ्रम का पुलिंदा” हैं। उनका कहना था कि यदि मेडिकल कॉलेज की घोषणा वर्ष 2006 में हुई थी तो उसके बाद परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए, इसका जवाब जनता को मिलना चाहिए।
तिवारी सरकार के दौर की भूमिका पर उठाए सवाल
राकेश राणा ने आरोप लगाया कि स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी के नेतृत्व वाली सरकार के समय भी किशोर उपाध्याय ने अपनी ही सरकार के खिलाफ महापंचायतें आयोजित कर जनता को गुमराह किया। उन्होंने कहा कि उस दौर में टिहरी के हितों के लिए विधायक की वास्तविक भूमिका पर भी जनता को जानकारी दी जानी चाहिए।
उन्होंने टिहरी बांध पुनर्वास से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि मामला उच्चतम न्यायालय तक पहुंचा और बाद में सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में व्यवस्था बनाई गई। राणा का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया का असर पुनर्वास से जुड़े लोगों पर पड़ा और विधायक को इस विषय पर भी अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
विकास कार्यों का श्रेय लेने की राजनीति का आरोप
राणा ने कहा कि चांटी-डोबरा पुल से लेकर टिहरी बांध क्षेत्र के अन्य पुलों तक, विधायक लगभग हर परियोजना का श्रेय स्वयं लेने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं की स्वीकृति, निर्माण और क्रियान्वयन में विधायक की प्रत्यक्ष भूमिका नहीं रही, उन्हें अपनी उपलब्धि बताना उचित नहीं है। विकास कार्य जनता के धन से होते हैं और उनका श्रेय किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं किया जा सकता।
हाइड्रोलिक इंजीनियरिंग कॉलेज पर भी उठाए प्रश्न
राकेश राणा ने भागीरथीपुरम स्थित हाइड्रोलिक इंजीनियरिंग कॉलेज को लेकर भी विधायक के दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस संस्थान की स्थापना में तत्कालीन सांसद विजय बहुगुणा तथा तत्कालीन केंद्रीय ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। ऐसे में इतिहास को सही संदर्भ में प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
विश्वविद्यालयों को लेकर भी मांगा जवाब
उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि एवं वानिकी विश्वविद्यालय टिहरी से बाहर चला गया तथा श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय से जुड़ा महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचा भी दूसरे स्थानों की ओर स्थानांतरित हुआ। राणा ने कहा कि इन मामलों में विधायक द्वारा किए गए प्रयासों की जानकारी भी सार्वजनिक होनी चाहिए।
विधायक निधि के उपयोग पर भी सवाल
राकेश राणा ने कहा कि विधायक को अपने पूरे कार्यकाल और विधायक निधि के उपयोग का भी सार्वजनिक लेखा-जोखा देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि लंबे समय तक जनप्रतिनिधि रहने के बावजूद विधायक निधि का पूरा उपयोग नहीं हो पाया, तो जनता को बताया जाना चाहिए कि विकास कार्यों की गति अपेक्षित स्तर तक क्यों नहीं पहुंच सकी।
2027 चुनाव से पहले दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग
राणा ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मेडिकल कॉलेज को लेकर नए-नए दावे किए जा रहे हैं। उन्होंने विधायक से मांग की कि मेडिकल कॉलेज से संबंधित घोषणा, शासनादेश, भूमि चयन, डीपीआर, बजट, प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियों सहित अपनी भूमिका से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं।
उन्होंने कहा कि अब जनता भावनात्मक नारों से नहीं, बल्कि वास्तविक तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर निर्णय करेगी।
“टिहरी की जनता अब झूठ और सच के बीच का फर्क समझ चुकी है। पुल हो, सड़क हो, कॉलेज हो या मेडिकल कॉलेज—हर काम का श्रेय अपने नाम करने से कोई विकास पुरुष नहीं बन जाता। जनता जानती है कि किसने काम किया और कौन केवल श्रेय लेने के लिए सामने आया। 2027 में टिहरी की जनता झूठ की राजनीति का हिसाब जरूर करेगी।”
— राकेश राणा, पूर्व जिलाध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी गढ़वाल
