एचएनबी चौरास, कीर्तिनगर में देर शाम तक चली बैठक, मुआवजा, पुनर्वास, सड़क, पेयजल व समतलीकरण मुद्दों पर निर्देश
टिहरी | दिनांक 31 दिसम्बर, 2025
जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को शैक्षणिक क्रियाकलाप केंद्र, एचएनबी चौरास, कीर्तिनगर में जीवीके कंपनी एवं श्रीनगर जल विद्युत परियोजना से प्रभावित ग्रामों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक देर सांय तक चली, जिसमें विनोद कंडारी (विधायक, देवप्रयाग) भी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत में प्रभावित ग्रामों के ग्रामीणों ने अपनी-अपनी समस्याएँ रखीं। धारी गांव के प्रभावितों ने 50 प्रतिशत प्रतिकर भुगतान का मुद्दा उठाते हुए शेष मुआवजे की मांग की। कंपनी पक्ष ने पुनर्वास एवं विस्थापन नीति के तहत सर्वे रिपोर्ट व फिक्स लेवल के अनुसार भुगतान की बात कही। इस पर जिलाधिकारी ने अद्यतन स्थिति के लिए ग्राम प्रधान को सभी प्रभावितों की सूची तहसीलदार को उपलब्ध कराने, पुनः टेक्निकल सर्वे कराने तथा विधिक राय लेने के निर्देश दिए।
मंगसू के ग्रामीणों ने गुगली स्थित क्रशर हटाने, एग्रीमेंट अनुसार खेत समतलीकरण, काश्तकारों को प्रतिकर भुगतान और रास्ते की समस्या का मामला उठाया। जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान को प्रतिकर भुगतान हेतु परिवारों की सूची तहसीलदार को देने तथा कंपनी को समतलीकरण, क्रशर हटाने और मार्ग संबंधी आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
गुरसाली के ग्रामीणों ने खेतों के ऊपर से गुजर रही ट्रांसमिशन लाइन का भुगतान व सिक्योरिटी धनराशि न मिलने की बात रखी। इस पर एसडीएम से पत्र प्राप्त कर रिकॉर्ड निकालने तथा कंपनी के सीएफओ को अगली बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए।
नैथाणा ग्राम के लिए पेयजल एवं सिंचाई हेतु निर्धारित लेवल बनाए रखने के संबंध में सिंचाई, पेयजल विभाग एवं जीवीके के साथ शीघ्र बैठक कराने की बात कही गई।
सुपाणा के ग्रामीणों ने मकान मुआवजा, वाहन भुगतान और खेत समतलीकरण के मुद्दे उठाए, जिस पर तहसीलदार को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। साथ ही चौरास एवं मंझाकोट में मोटर पुल, चौरास क्षेत्र में दोनों ओर सड़क, बेरिकेडिंग हटाने, तथा डैम पावर चैनल के दोनों ओर स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की गई। जिलाधिकारी ने स्ट्रीट लाइट प्रस्ताव एसडीएम को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में मंजू राजपूत (एसडीएम), जीवीके कंपनी से संतोष, रवि (खनन अधिकारी), मो. शदाब (तहसीलदार) सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, प्रभावित ग्रामों के प्रधान, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
