11 जनवरी को रैली और 30 जनवरी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी
देहरादून |
उत्तराखंड में भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सशक्त एवं स्वतंत्र लोकायुक्त के गठन की लंबित मांग को लेकर राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी (आरआरपी) ने रविवार को देहरादून स्थित इंद्रमणि बडोनी स्मारक पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। यह धरना पार्टी द्वारा प्रस्तावित चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड की मांग को मुखर रूप से उठाया।
धरने को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने कहा कि वर्ष 2014 में लोकायुक्त अधिनियम पारित होने और उत्तराखंड उच्च न्यायालय के बार-बार निर्देशों के बावजूद राज्य सरकार ने लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकायुक्त के नाम पर इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टाफ और वाहनों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन नियुक्ति न होने से यह जनता के धन की बर्बादी साबित हो रही है।
प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने कहा कि भ्रष्टाचार का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं और आम नागरिकों पर पड़ता है। सशक्त लोकायुक्त के बिना पारदर्शिता और जवाबदेही संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी महिलाओं और आमजन की आवाज बनकर इस संघर्ष को आगे बढ़ाएगी।
लोकायुक्त अभियान के संयोजक परमानंद बलोदी ने आंदोलन को शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ बताते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेगा और सभी सामाजिक संगठनों व राजनीतिक दलों से समर्थन की अपील की जाएगी।
वरिष्ठ नेता सुमन राम बडोनी ने कहा कि यह धरना उत्तराखंड आंदोलन के प्रतीक स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी की स्मृति में आयोजित किया गया है, क्योंकि वे भ्रष्टाचार मुक्त समाज की कल्पना करते थे।
धरने में पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल रहे, जिनमें राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल, प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल, सैनिक प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष भगवती प्रसाद नौटियाल, महानगर अध्यक्ष विनोद कोठियाल, प्रचार सचिव योगेश ईष्टवाल, संगठन सचिव दयाराम मनौड़ी, जिला महामंत्री प्रीतम नेगी, महिला प्रकोष्ठ की महानगर अध्यक्ष शशी रावत, महिला संगठन मंत्री बसंती गोस्वामी, मंडल अध्यक्ष रजनी कुकरेती सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पार्टी ने घोषणा की कि आंदोलन के अगले चरण में 11 जनवरी 2026 को परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास तक रैली निकाली जाएगी। यदि इसके बाद भी मांगें नहीं मानी गईं, तो 30 जनवरी 2026 से लोकायुक्त कार्यालय पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
