आरोग्य मंथन 3.0 कार्यक्रम: आयुष्मान कार्ड बनाने का कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा: सीएम
Table of Contents
Toggleमुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना के 3 वर्ष पूर्ण होने पर आरोग्य मंथन 3.0 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया
आयुष्मान योजना के तहत सभी अस्पतालों का भुगतान एक सप्ताह के अंदर किया जायेगा: सीएम
[su_highlight background=”#880930″ color=”#ffffff”]सरहद का साक्षी, देहरादून : [/su_highlight] मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को आई.एस.बी.टी देहरादून स्थित एक होटल में आयुष्मान भारत योजना के 3 वर्ष पूर्ण होने पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित आरोग्य मंथन 3.0 कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आयुष्मान योजना के तहत अच्छा कार्य कर रहे 12 अस्पतालों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर घोषणा की कि आयुष्मान कार्ड बनाने का कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा। सरकार द्वारा इस शुल्क का भुगतान किया जायेगा। आयुष्मान योजना के तहत सभी अस्पतालों का भुगतान एक सप्ताह के अंदर किया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी आयुष्मान भारत योजना दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देश हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ा है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को आईएसबीटी देहरादून का औचक निरीक्षण किया
मुख्यमंत्री ने आईएसबीटी में यात्रियों के बैठने, पेयजल, स्वच्छता, शौचालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिवहन निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाय। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के अंदर यात्रियों को बैठने के लिए बैंच की पूरी व्यवस्था की जाय। यह सुनिश्चित हो कि पेयजल आपूर्ति बाधित न हो। शौचालय में स्वच्छता का विशेष ध्यान दिया जाए।
About the Author
केदार सिंह चौहान ‘प्रवर’
Administrator
“खबर वही होती है जिसे दबाने की कोशिश की जाती है, बाकी सब विज्ञापन है। मकसद स्पष्ट होना चाहिए। असल मायने यह है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं। मैं न केवल कलमकार हूँ, बल्कि खबरों के छपने की नींव भी हूँ। इस व्यवस्था का हिस्सेदार हूँ, और इसे बदलने का इच्छुक भी। भावनाओं के साथ बुद्धि का संतुलन रखता हूँ, सच्चाई का साथ और झूठ का विरोध करता हूँ।“
