श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952 ने देहरादून में पुनर्जीवित की टिहरी की प्राचीन रामलीला, हजारों दर्शकों ने लिया आनंद | Laser-Sound Show और Digital Live Telecast बने विशेष आकर्षण
देहरादून। “श्री गुरु नानक मैदान रेसकोर्स” में श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952 द्वारा आयोजित भव्य रामलीला महोत्सव 2025 के अंतर्गत मंगलवार को डिजिटल लंका दहन और रावण-अंगद संवाद का शानदार मंचन हुआ।
इस अवसर पर मंच पर डिजिटल स्क्रीन से “डिजिटल आग” द्वारा लंका दहन का दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसे देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे। रावण-अंगद संवाद में कलाकारों की जुगलबंदी ने वातावरण को जीवंत कर दिया।
समिति ने प्रभु श्रीराम के प्रकृति-समर्थक जीवन संदेश को ध्यान में रखते हुए इस दिन को “पर्यावरण दिवस” के रूप में मनाया और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वाले विभिन्न कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी एवं “चक दे इंडिया” फेम मीर रंजन नेगी ने कहा –
“अभिनव थापर जी ने रामलीला को इतना भव्य रूप दिया है कि यह देहरादून की रामलीला पूरे भारत में अपना स्थान बनाएगी। हजारों लोग अपने बच्चों के साथ अपनी संस्कृति को आगे बढ़ा रहे हैं, यह अत्यंत आनंददायक है।”
समारोह में विधायक किशोर उपाध्याय, SDC फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल, सेंटर फॉर ग्रीन दून के हिमांशु अरोड़ा और जया सिंह, प्रियंक उनियाल सहित अनेक गणमान्य अतिथियों का सम्मान किया गया।
इस अवसर पर समिति के पदाधिकारी अमित पंत, गिरीश पैन्यूली, दुर्गा भट्ट, अजय पैन्यूली, डॉ. नितिन डंगवाल, नीता बहुगुणा, शशि पैन्यूली आदि मौजूद रहे।
🔸 उल्लेखनीय है कि 1952 से पुरानी टिहरी में होने वाली यह रामलीला, टिहरी के जलमग्न होने के बाद देहरादून में पुनर्जीवित की गई।
🔸 वर्ष 2024 में रामलीला के मंचन को 55 लाख से अधिक दर्शकों ने विभिन्न माध्यमों से देखा।
🔸 इस वर्ष पहली बार उत्तराखंड के इतिहास में Laser और Sound Show का प्रसारण किया जा रहा है।
🔸 रामलीला मंचन के साथ भजन संध्या, पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम, भव्य कलश यात्रा और 2 अक्टूबर को रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतला दहन का आयोजन विशेष आकर्षण रहेगा।
🔸 Digital Live Telecast System से इस बार 75 लाख से अधिक दर्शकों द्वारा महोत्सव का आनंद लेने की उम्मीद है।
