मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने धारा–34 के वादों का तीन माह में निस्तारण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
टिहरी/दिनांक 27 सितंबर, 2025। शनिवार को मुख्य सचिव एवं अध्यक्ष, राजस्व परिषद उत्तराखण्ड आनंद वर्धन की अध्यक्षता में राजस्व विभाग के प्रमुख कार्यकलापों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में तहसीलों की प्रगति, लंबित प्रस्तावों और विभागीय कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि धारा–34 के अंतर्गत लंबित वादों का निस्तारण आगामी तीन माह के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा में निस्तारण न होने पर संबंधित तहसीलदारों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया जाएगा।
आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद उत्तराखण्ड रंजना राजगुरु ने सभी जनपदों के तहसील और जिला कार्यालयों में E-office का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी जनपद को तकनीकी समस्या है तो उसे तुरंत उच्चाधिकारियों को सूचित करें। साथ ही सभी जनपदों को ऑडिट में उठी आपत्तियों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए।
बैठक में सभी जिलों के जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खंडेलवाल ने अवगत कराया कि—
- तहसील बालगंगा का कार्य गतिमान है।
- तहसील नैनबाग का कार्य पूर्ण कर शिफ्टिंग की जा चुकी है।
- तहसील कीर्तिनगर का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है।
उन्होंने आगे बताया कि हाल ही में आई आपदा में क्षतिग्रस्त 26 पटवारी चौकियों के पुनर्निर्माण और 6 वाहनों के प्रस्ताव शासन को प्रेषित किए गए हैं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी अवधेश कुमार सहित राजस्व विभाग के अधिकारी – वाई.के. धीमान, अजय पल नेगी, लेखवार नेगी, भारत भंडारी, विनोद लाल, गोदम्बरी डबराल, धीरज शर्मा आदि उपस्थित रहे।
