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मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने मां गंगा से प्रदेशवासियों की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की
मुख्यमंत्री के निर्देश पर संतों और श्रद्धालुओं पर हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा की गई
-श्री गंगा सभा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का गंगाजली, प्रसाद और चुनरी भेंट कर किया स्वागत
हरिद्वार। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने आज हरिद्वार में हर की पैड़ी पहुंचकर मां गंगा से प्रदेशवासियों की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर शाही स्नान के लिए मां गंगा के तट पर आए साधु-संतों और श्रद्धालुओं का मुख्यमंत्री ने स्वागत किया।
इस अवसर पर श्री गंगा सभा के पदाधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री श्री रावत का गंगाजली, प्रसाद और चुनरी भेंट कर स्वागत किया ।
मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने सभी साधु-संतों का आभार माना। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर मां गंगा में शाही स्नान करने के लिए श्रद्धालु रात से ही जुटने लगे थे। जनता की सुविधा के लिए हमारी सरकार ने सभी इंतजाम कर रखे हैं। कई श्रद्धालुओं ने अलसुबह स्नान किया और वे सुरक्षित अपने घरों को लौटे। इसके पश्चात अखाड़े के साधु-संतों का स्नान शुरू हुआ और सभी ने शांतिपूर्ण तरीके से स्नान किया। सभी अखाड़े के साधु संतों का स्नान होने के पश्चात फिर जनता ने स्नान किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कुंभ में जनता के लिए कोई भी रोक-टोक नहीं है, किसी से भी सख्ती नहीं की जाएगी। उन्होंने जनता से निवेदन किया कि कोविड-19 से बचाव की गाइडलाइन का पालन करने के साथ ही मास्क पहनने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कुंभ का प्रथम शाही स्नान है। इसे विशेष बनाने के लिए सभी साधु-संतों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि सभी साधु-संत काफी खुश नजर आ रहे हैं साथ ही प्रशासन भी जनता की समस्याएं दूर करने के लिए मुस्तैदी से लगा है। उन्होंने कहा कि दिव्य, भव्य और सुरक्षित कुंभ के आयोजन के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।
“खबर वही होती है जिसे दबाने की कोशिश की जाती है, बाकी सब विज्ञापन है। मकसद स्पष्ट होना चाहिए। असल मायने यह है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं। मैं न केवल कलमकार हूँ, बल्कि खबरों के छपने की नींव भी हूँ। इस व्यवस्था का हिस्सेदार हूँ, और इसे बदलने का इच्छुक भी। भावनाओं के साथ बुद्धि का संतुलन रखता हूँ, सच्चाई का साथ और झूठ का विरोध करता हूँ।“