उत्तराखंड में होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी भर्ती पर घमासान, राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने लगाए बड़े घोटाले के आरोप
बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों को उत्तराखंड कोटे से नियुक्ति देने का आरोप, भर्ती प्रक्रिया और वित्तीय अनियमितताओं पर उठे सवाल
देहरादून, 14 मई 2026।
उत्तराखंड होम्योपैथी चिकित्सा विभाग एवं होम्योपैथी मेडिसिन बोर्ड में कथित भ्रष्टाचार और भर्ती अनियमितताओं को लेकर सियासी माहौल गर्मा गया है। राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने सोमवार को देहरादून प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान भर्ती प्रक्रिया और विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए।
प्रेस वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव प्रसाद सेमवाल और प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने दावा किया कि होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर बड़े स्तर पर धांधली की गई।
भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर आरोप
पार्टी नेताओं के अनुसार 24 पदों पर हुई होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी भर्ती में कई अनियमितताएं सामने आई हैं।
आरक्षण में धांधली का आरोप
प्रेस वार्ता में आरोप लगाया गया कि हिमाचल प्रदेश की अनुसूचित जाति वर्ग की महिला अभ्यर्थी को उत्तराखंड के आरक्षित कोटे से नियुक्ति दे दी गई। इसके अलावा भर्ती विज्ञापन में ओबीसी वर्ग का कोई पद नहीं होने के बावजूद अंतिम परिणाम में ओबीसी कोटे से नियुक्तियां कर दी गईं।
इंटरव्यू प्रक्रिया पर सवाल
राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने आरोप लगाया कि चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए 60 अंकों का भारी-भरकम इंटरव्यू रखा गया, जिसकी कोई वीडियोग्राफी नहीं कराई गई। पार्टी का कहना है कि इससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।
चयन समिति पर भी उठे प्रश्न
पार्टी नेताओं का आरोप है कि चयन समिति में नियमानुसार उच्च शिक्षण संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल होने चाहिए थे, लेकिन इसके स्थान पर विधानसभा में तैनात एक मेडिकल अधिकारी को इंटरव्यू प्रक्रिया में शामिल किया गया।
भाई-भतीजावाद के आरोप
पार्टी ने दावा किया कि चयनित अभ्यर्थियों में कई ऐसे लोग शामिल हैं, जिनका संबंध विधायकों एवं विभाग में कार्यरत उच्च अधिकारियों से है।
रजिस्ट्रार डॉ. शैलेंद्र पांडे पर भी लगे आरोप
प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. शैलेंद्र पांडे की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए।
पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि डॉ. पांडे पिछले 12 वर्षों से रजिस्ट्रार पद पर अटैच हैं, जबकि इस पद की स्पष्ट नियमावली तक तैयार नहीं की गई है। इसके अलावा बिना चिकित्सकीय कार्य किए नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA) लेने का भी आरोप लगाया गया।
चन्दोला होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज के छात्रों के पंजीकरण में देरी एवं भेदभाव करने संबंधी आरोप भी प्रेस वार्ता में लगाए गए।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि यह भर्ती घोटाला उत्तराखंड के योग्य युवाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों को उत्तराखंड कोटे से नियुक्ति दिए जाने को गंभीर मामला बताया।
प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कथित रूप से अवैध रूप से लिए गए भत्तों की वसूली की भी मांग उठाई।
बताया गया कि शासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए अपर सचिव कार्मिक नवनीत पांडे को जांच अधिकारी नियुक्त किया है और 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है।
प्रेस वार्ता में जिला अध्यक्ष नवीन पंत, सैनिक प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष भगवती प्रसाद गोस्वामी सहित पार्टी के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
